Karauli Sarkar: खुफिया एजेंसियां आश्रम में सादे वेश में भक्त बनकर पहुंची, गोपनीय तरह से जांच में हो सकते कई खुलासे

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में करौली बाबा आश्रम में खुफिया एजेंसियां गोपनीय तरीके से जांच कर रही।

कानपुर में करौली बाबा सरकार में खुफिया एजेंसियां आश्रम में सादे वेश में भक्त बनकर पहुंची। एजेंसियां गोपनीय तरह से जांच कर रही। बिधनू पुलिस पीड़ित डॉक्टर से संपर्क कर रही।

कानपुर, अमृत विचार। बिधनू के करौली सरकार आश्रम के बाबा संतोष सिंह भदौरिया और उनके साथियों पर पुलिस ने नोएडा के डॉक्टर से मारपीट करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया था। नोएडा में रहने वाले डॉक्टर सिद्धार्थ की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई थी। आरोप था कि परिवार के साथ आश्रम में मारपीट की गई। जब वह आश्रम में बाबा के सामने गए तो उन्होंने उसके ऊपर बाबा के चमत्कार का कोई असर न होने की बात कही। जिस पर वहां मौजूद सैकड़ों लोगों के सामने बाबा भड़क गए थे। चुनौती की बात कहते हुए बाबा ने सहयोगियों से डॉक्टर को हटने को कहा था।

जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद बाबा के समर्थकों ने कमरे में खींचकर डॉक्टर को जमकर पीटा था इससे वह घायल हो गए थे। यह मामला 22 फरवरी का है। प्रसिद्ध बाबा से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने बुधवार को भी बाबा और उनके सहयोगियों के बयान दर्ज किए। बिधनू थाना प्रभारी योगेश कुमार सिंह ने बताया कि डॉक्टर से भी संपर्क किया जा रहा है। सीसीटीवी और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। इस मामले में खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हैं। 

खुफिया एजेंसिया कर रही गोपनीय जांच

बिधनू के करौली सरकार आश्रम में विवाद और मारपीट का मामला चर्चा में आने के बाद खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से सक्रिय हो गईं हैं। सूत्रों ने बताया कि टीम के लोग अपने स्तर से जांच कर रही हैं। एलआईयू के कई अफसर सिविल ड्रेस में भक्तों की तरह आश्रम पहुंचे। पूजा पाठ करने के साथ ही आसपास के गांव से बाबा की शोहरत के बारे में पता लगाया। एलआईयू से भी पुलिस कमिश्नर और शासन ने पूरे मामले को लेकर अपनी रिपोर्ट मांगी है।

थाना पुलिस ने टरका दिया था 

पीड़ित के अनुसार जब वह अपनी शिकायत लेकर बिधनू थाने पहुंचा जहां से उसे टरका दिया गया था। इसके बाद उन्होंने इस मामले की पुलिस के आलाधिकारियों से शिकायत की। जिसके बाद पुलिस ने बाबा और उनके सहयोगियों पर मुकदमा दर्ज किया था। आश्रम से भगा देने का आरोप था। इस मामले में बाबा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सूत्रों ने बताया कि बाबा के आदेश पर मंदिर में मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। अगर किसी को अंदर एंट्री करनी भी है, तो उसे एक आश्रम का फार्म भरना होगा।

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