कासगंज: मगरमच्छ का ग्रामीण पर हमला, 15 घंटे के रेस्क्यू बाद गंगा से निकाला शव

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

 शव मिलते ही परिवार में मचा कोहराम, परिजनों ने नहीं कराया पोस्टमार्टम

कासगंज, अमृत विचार। गुरुवार दोपहर बाद गंगा किनारे पानी पी रहे ग्रामीण को मगरमच्छ ने गंगा नदी में खींच लिया और उसे निगलने का प्रयास किया, हालांकि मगरमच्छ ने हमला बोलने के बाद ग्रामीण को छोड़ दिया। 15 घंटे तक उसकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चला। तब जाकर शुक्रवार सुबह उसका लहूलुहान शव मिल सका है। उसके चेहरे पर मगरमच्छ द्वारा किए गए हमले के गहरे जख्म हैं। इधर शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है।

घटना गुरुवार दोपहर बाद की है। थाना सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र के गांव नरदौली के गंगा की कटरी में नगला हंसी निवासी श्यामपाल बीते दिवस अपने पशुओं को चराने के लिए गया था। उसे प्यास लगी तो गंगा किनारे  पानी पी रहा था, तभी तेज छलांग लगाकर आए मगरमच्छ ने उसे पकड़ लिया और गंगा में ले गया।

ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना पुलिस व वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया, लेकिन देर रात तक युवक का कोई पता नहीं लग सका। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने स्वयं रेस्क्यू ऑपरेशन कर युवक के शव को बरामद कर लिया है। शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गंगा नदी के किनारे ही चीख-पुकार मची रही। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही तो परिजनों ने इंकार कर दिया।

ग्रामीणों ने लगाया आरोप 
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी गुरुवार को मौके पर आए थे और खानापूर्ति करके चले गए। अगर उन्होंने कोशिश की होती तो ग्रामीण गुरुवार को ही मिल जाता। 

ग्रामीणों में बनी हुई है दहशत 
गांव नगला हंसी और उसके आसपास के ग्रामीणों में मगरमच्छ को लेकर दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां तीन मगरमच्छ कई बार देखे जा चुके हैं। इन मगरमच्छ को पकड़वाया जाए, जिससे कि भविष्य में मगरमच्छ अन्य ग्रामीणों की जान ना ले सके। मृतक के चचेरे भाई संजीव कुमार का कहना है कि आए दिन गंगा नदी किनारे मगरमच्छ देखे जाते हैं।

तहसीलदार ने दिया आश्वासन
शव मिलने की सूचना मिलते ही पटियाली तहसीलदार अरविंद गौतम सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। साथ ही तहसीलदार ने ग्रामीणों को मगरमच्छ को पकड़वाने आश्वासन दिया है।

वृद्ध मां बाप का था इकलौता सहारा
 श्याम पाल वृद्ध मां-बाप का इकलौता सहारा था। वह अविवाहित था। माता-पिता वृद्ध है उन दोनों की सेवा श्याम पाल ही करता था, लेकिन अब वृद्ध मां-बाप का सहारा छिन गया।

वन विभाग की टीम रेंजर के नेतृत्व में गुरुवार से ही मौके पर मौजूद रही। मगरमच्छ के हमले से ग्रामीण के चेहरे पर गहरे जख्म है। नियमानुसार मगरमच्छ को वन विभाग बिना अनुमति के नहीं पकड़ सकता है। रेंजर को निर्देश दिए हैं कि वे वहां कैंप करें और उनसे रिपोर्ट भी मांगी है, जिससे कि उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जा सके---सौरश सहाय, डीएफओ।

यह भी पढ़ें- कासगंज : PAC जवान की कार्बाइन से चली गोली मेला घूमने आए 5 साल के बच्चे को लगी

संबंधित समाचार