दलित फरियादी को चार घंटे हवालात में डाला, अब पूरनपुर कोतवाल आशुतोष रघुवंशी पर होगी FIR, जानें पूरा मामला

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विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट ने किए आदेश, वर्तमान में पूरनपुर कोतवाल पद पर चल रही है तैनाती

पीलीभीत, अमृत विचार। अनुसूचित जाति के फरियादी को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए चार घंटे तक हवालात में डालने व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने का आरोप इंस्पेक्टर आशुतोष रघुवंशी पर लगा है। घटना के समय वह गजरौला थानाध्यक्ष थे। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट शिवा पांडेय ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद इंस्पेक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश पारित किए।  

गजरौला थाना क्षेत्र के ग्राम भूड़ा सरैंदा के निवासी काशीराम जाटव के पुत्र भूपराम ने चार मार्च 2023 को स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट शिवा पांडेय की अदालत में एक प्रार्थना प्रस्तुत कराया। जिसमें बताया कि ग्राम अजीतपुर पटपरा के रामऔतार, छत्रपाल और विजयपाल से उनकी मुकदमेबाजी चल रही है।

आठ नवंबर 2022 को कचहरी पीलीभीत से इसी मुकदमे में वादी व उसकी पत्नी बयान देकर लौट रहे थे। पहले से गन्ने के खेत में घात लगाए बैठे तीनों आरोपी पीड़ित दंपति को देखकर बाहर निकले और फिर रामऔतार ने तमंचे से जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। जिसमें वह व उसकी पत्नी बाल बाल बच गए।  

तीनों आरोपियों ने पीछा किया। तभी अन्य राहगीरों ने दंपति को बचाया। पुलिस के सुनवाई न करने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। तब न्यायालय ने आठ नवंबर 2022 को हुई घटना के संबंध में मुकदमा पंजीकृत करने के आदेश दिए। मगर, गजरौला पुलिस ने उचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत नहीं किया। जिसकी शिकायत करने वह थाना गजरौला के प्रभारी निरीक्षक आशुतोष रघुवंशी के पास गए तो थानाध्यक्ष ने पूछा कि तू किस जाति का है।

प्रार्थी के द्वारा अपनी जाति बताने पर और यह कहने पर कि आपने मुकदमा सही धाराओं में पंजीकृत नहीं किया। इंस्पेक्टर आशुतोष रघुवंशी ने गाली गलौज व जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। चार घंटे तक हवालात में बंद रखा। इस घटना की शिकायत वादी ने एसपी से की लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

न्यायालय से कोतवाल आशुतोष रघुवंशी के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराने एवं विवेचना कराने की प्रार्थना की। प्रार्थना पत्र की सुनवाई स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट शिवा पांडेय की अदालत में हुई। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष गजरौला को इंस्पेक्टर आशुतोष रघुवंशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।

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