लखनऊ: मध्यांचल की मांग, टेंडर की शर्तों में हो बदलाव
उपभोक्ता परिषद ने की थी कलस्टर का मूल्य 20 से 25 लाख का आठ कलस्टर में टेंडर निकालने की मांग
अमृत विचार, लखनऊ। पच्चिस हजार करोड़ की लागत मूल्य वाले स्मार्ट प्रीपेड मीटर के टेंडर की शर्तों में बदलाव के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन में प्रस्ताव दाखिल किया है। प्रस्ताव में मध्यांचल ने टेंडर के कलस्टर को छोटा कर 20 से 25 लाख का एक कलस्टर करने की मांग की है।
अभी तक पूरे उत्तर प्रदेश में चार कलस्टर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के टेंडर निकाले गए थे, जिससे मीटर निर्माता कंपनियां इसमें भाग नहीं ले पाईं थी। इससे पहले उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद भी कलस्टर की राशि को कम करने की मांग कर चुका है। इसी के साथ उपभोक्ता परिषद ने मध्यांचल के अलावा अन्य बिजली कंपनियों से भी टेंडर निरस्त कर छोटे कलस्टर निकालने की मांग की है, जिससे जनता का फायदा हो सके।
विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि पच्चिस हजार करोड़ की लागत वाला स्मार्ट प्री पेड टेंडर चार कलस्टर में निकाला गया था, जिसमें अदानी मेसर्स, जीएमआर व इन टेलीस्मार्ट की दरें न्यूनतम आई जो नौ और 10 हजार रूपये प्रति मीटर थीं जबकि स्मार्ट प्री पेड मीटर की लागत मूल्य छह हजार रूपया प्रति मीटर है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में चार कलस्टर में टेंडर निकाला गया है जो 5500 से 7000 करोड के बीच है। मूल्य अधिक होने के कारण स्मार्ट मीटर कंपनियां इस टेंडर में भाग नहीं ले सकतीं। इसीलिए उपभोक्ता परिषद ने विद्युत नियामक आयोग, यूपी पावर कारपोरेशन प्रबंध और ऊर्जा में मंत्री से आठ कलस्टर में टेंडर निकाल ने की मांग की थी।
अब मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक भवानी सिंह खगरौत ने पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक को प्रस्ताव भेज कर 20 से 25 लाख का एक कलस्टर बना कर टेंडर निकालने की मांग की है, जिससे उसकी दर कम आये। उपभोक्ता परिषद ने पश्चिमांचल, दक्षिणांचल एवं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम से टेंडर प्रक्रिया रद्द करने की मांग की है।
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