कबाड़ से जुगाड़ : कूड़ा उठाने वाले ठेले और पाइप से बन रहा थ्रीडी त्रिशूल

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Published By Vishal Singh
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निगम में खराब पड़े एमसीबी बॉक्स से निर्मित रोबोट तिराहे पर लगेगा

बरेली, अमृत विचार। नगर निगम में घिसे टायरों, हत्थू ठेले, खराब हो चुके एमसीबी बाक्स, पानी के पाइप, केबिल, लोहे के एंगिल और निष्प्रयोज्य हो चुके बिजली के सामानों का प्रयोग कर आकर्षक कलाकृतियां बनाई जा रही हैं। इन्हें अब शहर के चौराहों और पार्कों में लगाया जाएगा। त्रिशूल एयरपोर्ट के पास थ्रीडी त्रिशूल और सर्किट हाउस तिराहे के पास मोर की आकृति लगाई जाएगी। त्रिशूल लगाने के लिए नगर निगम ने एयरपोर्ट अथारिटी से अनुमति मांगी है।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत इन आकृतियों को बनाया जा रहा है। गांधी उद्यान में निगम के ट्रैक्टरों और छोटे वाहनों के निष्प्रयोज्य टायरों को आकृतियों का रूप दिया गया है। कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतलों से सेल्फी प्वाइंट गांधी उद्यान में बनाया गया है। बिजली के एमसीबी बाक्स से रोबोट को तैयार किया जा रहा है। सफाई और निर्माण कार्य में काम आने वाले बेलचे के गल चुके अगले हिस्से से मोर की आकृति बनाई गई है। इसके लगाने के लिए फिलहाल सर्किट हाउस तिराहा का चयन किया गया है। त्रिशूल को बनाने में पानी के पाइप और लोहे के एंगिल और बिजली के सामान का प्रयोग किया गया है।

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स्वच्छ भारत मिशन के प्रभारी राजेश यादव बताते हैं कि तैयार हो रही इन आकृतियों में जंक नहीं लगे इसके लिए इसमें एंटी काेरोजन पेंट लगाया जा रहा है। निगम के स्टोर में काफी कबाड़ एकत्र है। उसका प्रयोग निगम शहर को सुंदर बनाने में कर रहा है। गांधी उद्यान के लिए स्क्रैप के तार और पाइप से एक्वेरियम तैयार है।

निष्प्रयोज्य सामान से बनी आकृतियां सुंदर लग रही हैं। एक नाव तैयार हो रही है। नाथ नगरी में एयरपोर्ट से बाहर आने पर त्रिशूल की आकृति लगाने के लिए अनुमति मांगी गई है। 23 फिट ऊंचे और 12 फिट चौड़ाई वाले थ्रीडी त्रिशूल की खासियत यह होगी इसे जिधर से देखो त्रिशूल ही दिखाई देगा। अगले माह तक कई आकृतियां तैयार हो जाएंगी। इन्हें शहर के प्रमुख चौराहों और पार्कों में लगाया जाएगा- निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त।

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