अल्मोड़ा में बनेगा पर्वतीय जिलों का आपदा कंट्रोल रूम
अल्मोड़ा, अमृत विचार। कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। इसके लिए जल्द अल्मोड़ा में कुमाऊं के पर्वतीय जिलों के आपदा कंट्रोल रूम और प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जाएगी। इस संस्थान के निर्माण में दो करोड़ दस लाख रुपये की लागत आएगी।
अल्मोड़ा समेत कुमाऊं के बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों के लिए बनने वाले इस संस्थान में अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवियों को आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्य का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहीं से आपदा के दौरान पर्वतीय जिलों के आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश जारी होंगे। इस संस्थान में आपदा के दौरान प्रभावितों को राहत पहुंचाने में उपयोग में लाए जा रहे सभी उपकरण स्थापित होंगे।
इनके संचालन के लिए प्रशिक्षण चारों जिलों के आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को दिया जाएगा। प्रशिक्षण संस्थान में कृत्रिम चट्टानों का निर्माण किया जाएगा। इनमें आईएएस, पीसीएस, पटवारी, कानूनगो, ग्राम प्रधानों और स्वयंसेवकों को रॉक क्लाइंबिंग के गुर सिखाए जाएंगे। ताकि वे आपदा के दौरान आसानी से दुर्गम स्थानों में पहुंचकर प्रभावितों तक राहत पहुंचा सकें।
अधिकारियों के मुताबिक प्रशिक्षण संस्थान व कंट्रोल रूम में एसडीआरएफ व एनडीआरएफ के कुछ जवानों की तैनाती होगी। आपदा के समय तुरंत उन्हें यहीं से प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी उपकरणों के साथ रवाना किया जाएगा। पाताल देवी में बनने वाले आपदा प्रशिक्षण संस्थान में आईएस, पीसीएस अधिकारी, पटवारी, कानूनगो को प्रशिक्षित किया जाएगा। संस्थान के अधिकारियों के मुताबिक यहां हर साल 250 से अधिक अधिकारियों को आपदा से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
