वैक्सीन की संभावना

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Edited By Amrit Vichar
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कोरोना महामारी के बीच इसकी वैक्सीन को लेकर दुनियाभर में विभिन्न फार्मा कंपनियां परीक्षण के अलग-अलग चरणों में है। रूस ने तो कोरोना वैक्सीन बनाने और उसके मानवीय परीक्षण का दावा भी कर लिया है। हालांकि रूस के दावे के इतर विश्व स्वास्थ्य संगठन अभी रूस की स्पूतनिक-वी वैक्सीन को मंजूरी देने के मूड में …

कोरोना महामारी के बीच इसकी वैक्सीन को लेकर दुनियाभर में विभिन्न फार्मा कंपनियां परीक्षण के अलग-अलग चरणों में है। रूस ने तो कोरोना वैक्सीन बनाने और उसके मानवीय परीक्षण का दावा भी कर लिया है। हालांकि रूस के दावे के इतर विश्व स्वास्थ्य संगठन अभी रूस की स्पूतनिक-वी वैक्सीन को मंजूरी देने के मूड में नहीं है और उसका कहना है कि परीक्षण के लिहाज से अभी रूस की वैक्सीन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। मगर इतना तो जरूर है कि कोरोना वैक्सीन को लेकर दुनियाभर में चल रहे परीक्षण उत्साहित करने वाले जरूर हैं।

भारत भी कोरोना वैक्सीन को लेकर गंभीर है और अपने दैश में कोरोना वैक्सीन परीक्षण के साथ ही वह अन्य देशों में परीक्षण के स्तर पर चल रही फार्मा कंपनियों के संपर्क में हैं। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इस मामले में कहा कि हमारे देश में कोरोना वैक्सीन को लेकर काम तो चल ही रहा है, वैक्सीन हासिल करने की दिशा में भी हम लगे हुए हैं ताकि देश के लोगों के लिए टीके की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इस बारे में देश के कोरोना एक्सपर्ट ग्रुप ने सोमवार को ही पांच फार्मा कंपनियों से मुलाकात भी की।

देश के स्वास्थ्य मंत्री के हवाले से अगर यह कहा जाता है कि कोरोना के फाइनल प्रोडक्ट को हासिल करने की कोशिश में काम चल रहा है तो यह बात साफ है कि कोरोना को लेकर वैक्सीन बनाने की दिशा में बहुत सकाराकात्मक संकेत हैं। यह सही भी है कि पिछले साल जनवरी में जब चीन के वुहान में कोरोना वायरस का खुलासा हुआ था तब शायद दुनिया ने इस बात का अंदाजा नहीं लगाया था कि अगले 8 महीनों में पूरा विश्व ऐसी महामारी की चपेट में होगा जो देशों की अर्थव्यवस्था तहस-नहस करने के साथ ही दुिनया को ऐसी स्थिति में ला देगा जहां एक-दूसरे से मिलना भी संभव नहीं रह जाएगा।

हमारे देश में जहां तीज-त्यौहार, सामाजिक मान्यताओं की इतनी विविधता है कि इसके बिना हर रंग फीका लगता है, कोरोना ने सबसे ज्यादा यहीं इस विविधता को भी खत्म कर दिया है। देश-दुिनया से कोरोना का खात्मा हो और अर्थव्यवस्था पटरी पर आने के साथ ही जनजीवन भी सामान्य हो ऐसा जरूरी है। इसका एक मात्र उपाय फिलहाल वैक्सीन ही लगता है क्योंकि कोरोना वायरस के इलाज को लेकर वैज्ञानिक जगत में बहुत कम आहट है।

दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन को लेकर चल रही तैयारी इस बारे में कुछ आश्वस्त जरूर करती है, भले ही इसमें अभी थोड़ा समय लगे। देश के स्वास्थ्य मंत्री ने अगर इस बारे में बहुत सकारात्मक बात कही है तो कहीं न कहीं निराशा के बादल जरूर छंटते दिखते हैं। उम्मीद है कि देश-दुिनया में जल्द वैक्सीन सामने आए ताकि इस महामारी से निजात मिल सके।