UP Board: 12वीं पास करने के बाद क्या करें?, यहां मिलेंगे आपको बेहतर सवालों के जवाब
करियर काउंसलर का परामर्श : सरकारी नौकरियों के साथ तकनीकी कोर्सों की दूसरे क्षेत्रों में भी अच्छी-खासी मांग
बरेली, अमृत विचार। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल की परीक्षा का परिणाम पांच और इंटरमीडिएट की परीक्षा का परिणाम 21 मार्च को घोषित होगा। परीक्षाफल की तिथि का एलान होने के साथ विद्यार्थियों और अभिभावकों ने इंटरमीडिएट के बाद की योजनाओं पर मंथन शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों की उनके लिए तकनीकी शिक्षा के विकल्पों पर गौर करने की सलाह है ताकि उन्हें केंद्र सरकार की स्वावलंबन के लिए चलाई जा रही योजना का लाभ मिले।
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शासन की ओर से भी तकनीकी शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। इसमें रोजगार के अवसर ज्यादा बताए जा रहे हैं। विद्यार्थी अपनी दिलचस्पी के अनुरूप किसी कोर्स में भी दाखिला ले सकते है। कलात्मक रुचि रखने वाले विद्यार्थी साहित्य, लेखन, कला में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए बीए, भाषा और विदेशी भाषाओं के कोर्स करने से भारतीय दूतावास समेत कई संस्थानों में नौकरी के रास्ते खुल जाते है। इंजीनियर और दूसरे तकनीकी कोर्स भी विद्यार्थियों के लिए काफी सहायक होते हैं।
विकल्प चुनने से से पहले करें आत्मनिरीक्षण
किसी भी विषय या विकल्प को चुनने से पहले जरूरी है कि आत्म निरीक्षण किया जाए। यह जानना बहुत जरूरी है कि जो कोर्स आप चुनने जा रहे हैं, उसकी विषयवस्तु क्या है और वह किन-किन क्षेत्रों के लिए जरूरी होता है। किसी भी कोर्स को ज्वाइन करने से पहले उसमें मौजूद सामग्रियों और सीनियर्स और फैकल्टी की मदद से उसकी विस्तृत जानकारी लेनी चाहिए।
मसलन, कितना थियोरी पेपर है और कितना प्रैक्टिकल। किस तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है। स्नातक कोर्सों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा करने के कई तरीके हैं। आप अपने अभिभावक, दोस्तों और सीनियर्स की राय ले सकते हैं। ऐसे लोग जो उस फील्ड में पहले से ही कार्यरत हैं, वे भी सही और सटीक जानकारी दे सकते हैं। तब भी बात न बने तो किसी करियर काउंसलर की सलाह लें--- नवनीत शुक्ला, करियर काउंसलर।
अपनी रुचि को पहचानें, करियर काउंसल से करें बात
सबसे पहले विद्यार्थियों को 10वीं और 12वीं के बाद अपनी रुचि को पहचानना चाहिए। इसके बाद अपने एप्टीट्यूट और पिछली कक्षा के अंकों के आधार पर किसी विकल्प को चुनना चाहिए। यह विश्लेषण करने से अपना विकल्प बहुत आसानी से खोज सकते है। आप इंटरनेट की भी मदद ले सकते हैं और अपने अभिभावक व करियर काउंसलर का परामर्श भी।
किसी भी कोर्स का चयन करते समय जिस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए, वह है रुचि, जुनून, इच्छा और मनपसंद काम की पहचान कर उस अनुरूप कोर्स का चयन करना। इसमें बिलकुल संदेह न रखें कि आप किस क्षेत्र में दिलचस्पी रखते हैं, आपको भविष्य में क्या करना है और भविष्य में वह किस हद तक आपके लिए फायदेमंद रहेगा। उदहारण के लिए यदि आप अर्कियोलॉजी लेना चाहते हैं लेकिन आपकी रुचि केमिस्ट्री में है तो आप कला संग्रह या फिर म्यूजियोलॉजी ( संग्रहालय सम्बन्धित) आपके लिए बेहतर करियर ऑप्शन हो सकते हैं--- पारुष अरोरा, करियर काउंसलर।
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