चीन की चाल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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अरुणाचल में चीन लगातार भारत को उकसाने वाली हरकतें करने से बाज नहीं आ रहा है। चीन ने एक बार फिर से उकसाने की कोशिश करके साबित कर दिया है कि वह भारत को अरूणाचल प्रदेश में उलझाकर रखना चाहता है। जबकि चीन ये भी मानता है कि भारत एक शक्तिशाली देश है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को कहा कि भारत, रूस और चीन उल्लेखनीय प्रभाव के साथ ‘ प्रमुख शक्तियां’ बनकर उभर रहे हैं और बीजिंग,मास्को नई दिल्ली के साथ संबंध बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

सवाल है कि अगर चीन वास्तव में भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है तो फिर उसने अरूणाचल प्रदेश के 11 जगहों के चीनी नामकरण क्यों किए हैं? चीन ने जिन जगहों के चीनी नाम रखे हैं, उनमें दो भूमि क्षेत्र, दो आवासीय क्षेत्र, पांच पर्वत चोटियां और दो नदियों के नाम शामिल हैं।

जवाब में भारत ने कुछ स्थानों का  पुन: नामकरण करने को खारिज करते हुए कहा कि यह अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है और नाम बदलने से इस वास्तविकता को बदला नहीं जा सकेगा। भारतीय विदेश मंत्रालय के जवाब के बाद चीन की बौखलाहट और ज्यादा बढ़ना लाजिमी है।

विशेषज्ञों के मुताबिक विवादित स्थानों के नाम बदलने के पीछे का मकसद अपने क्षेत्रीय दावों को मजबूत करना और किसी भी अंतर्राष्ट्रीय अदालत  में किसी भी संप्रभुता असहमति के मामले में उन दावों का समर्थन करने के लिए सबूत बनाना या बदलना है। माना जा रहा है कि जल्द ही भारत और चीन के बीच एलएसी के मुद्दे पर विवाद को सुलझाने के लिए सैन्य कमांडरों की बैठक में ये मुद्दा उठ सकता है।

भारतीय क्षेत्र में इलाकों के नाम बदलने के अलावा चीन ने दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में ठीक वैसा ही किया है। चीन ने अरूणाचल प्रदेश में 11 जगहों के नाम उस वक्त बदले हैं, जब पिछले सप्ताह ही भारत ने अरूणाचल प्रदेश में जी 20 की एक बैठक का आयोजन किया था जिसमें चीन ने हिस्सा नहीं लिया था।

चीन ने भारत के साथ तनाव को उस वक्त बढ़ाया है, जब चीन के विदेश मंत्री भारत में एससीओ शिखर सम्मेलन की बैठक में हिस्सा लेने के लिए आने वाले हैं। वहीं, चीन के राष्ट्रपति भी जुलाई में एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होने को भारत आने वाले हैं।

लिहाजा, माना जा रहा है कि  नाम बदलने का असर इन दौरों पर पड़ सकता है। भारत को लेकर चीन जिस तरह की विरोधाभासी कूटनीति अपनाए हुए है,उससे लगता है कि अरूणाचल प्रदेश पर अपना अधिकार जताने की बदनीयत से इस तरह की साजिश रचता है।