शाहजहांपुर: कोर्ट में नहीं हाजिर हुए चिन्मयानंद, दुष्कर्म पीड़िता ने दी गवाही

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

वर्ष 2011 में बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का लगाया था आरोप

शाहजहांपुर, अमृत विचार। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली उनकी शिष्या बुधवार को गवाही देने के लिए कोर्ट पहुंचीं। एडीजे तृतीय एमपीएमएलए कोर्ट में शुरू हुई गवाही के दौरान वकीलों ने उनसे जिरह की, जिस पर उन्होंने अपना पक्ष रखा।

वहीं चिन्मयानंद स्वास्थ्य खराब होने की वजह से कोर्ट नहीं पहुंच पाए। उनके वकील की ओर से हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र न्यायालय को दिया गया। मामले की सुनवाई और गवाही के लिए अगली तारीख 24 अप्रैल नियत की गई है।

बता दें कि वर्ष 2011 में चिन्मयानंद की शिष्या ने उन पर बंधक बनाकर दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया था। अब इस मामले में गवाही और जिरह की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी के तहत दुष्कर्म पीड़िता बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे एडीजे तृतीय एमपीएमएलए कोर्ट पहुंचीं।

जहां उन्होंने अपर शासकीय अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर प्रार्थना की, कि गवाही के समय उनसे बंद न्यायालय में वकील के द्वारा जिरह की जाए और गवाही के दौरान अनावश्यक वकीलों एवं वादकारियों का न्यायालय में प्रवेश वर्जित रखा जाए।

जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए गवाही के लिए लंच बाद का समय प्रदान किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता ने पीड़िता का बयान लिखवाया। इसके बाद स्वामी चिन्यमानन्द के अधिवक्ता फिरोज हसन खां द्वारा आरोपी चिन्मयानन्द के बचाव में पीड़िता से जिरह की गई।

लगभग एक घंटे तक जिरह की कार्रवाई चली। स्वामी चिन्मयानन्द के अधिवक्ता फिरोज हसन खां ने बताया कि स्वामी चिन्मयानन्द का स्वास्थ ठीक नहीं होने के कारण वह अदालत में नहीं आ सके। उनकी तरफ से हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र अदालत में दिया गया है।

अधिवक्ता फिरोज हसन खां ने बताया कि जिरह के दौरान पीड़िता बिल्कुल सामान्य थी और उनके सभी प्रश्नों के उत्तर उन्होंने बहुत ही सहजता से दिए। मामले में सुनवाई व गवाही के लिए अगली तारीख 24 अप्रैल नियत की गई है।

यह भी पढ़ें- शाहजहांपुर: सिटी मजिस्ट्रेट की अगुआई में चला अभियान, जेसीबी से हटवाया अतिक्रमण

संबंधित समाचार