काशीपुर: चालकों को नहीं पता हमसफर App के बारे में...अधिकारी बोले नहीं आया कोई आदेश
अरुण कुमार, काशीपुर, अमृत विचार। दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन निगम की ओर से लांच किया गया हमसफर ऐप दो माह बाद भी चालकों के मोबाइलों में डाउनलोड नहीं किया जा सका। वहीं कर्मचारी ऐसे आदेश से अनभिज्ञ है। ऐप के माध्यम से चालकों को सुरक्षित बस संचालन के आधार पर रिवार्ड अंक दिए जाने हैं।
दरअसल 31 मार्च को परिवहन निगम मुख्यालय के महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन ने डिपो के समस्त चालकों के स्मार्टफोन में हमसफर एप तत्काल प्रभाव से डाउनलोड एवं इनस्टॉल कराने के निर्देश दिए थे।
हमसफर एप के माध्यम से बस चलाते समय चालक की वाहन चलाने की दक्षता पर नजर रखी जा सकेगी। वाहन चलाते समय चालक को नींद आने या वाहन की गति नियंत्रण संबंधित गतिविधियों पर इस ऐप द्वारा चालक को एलर्ट अलार्म मिलेगा। ऐप के माध्यम से चालक को सुरक्षित बस संचालन के आधार पर रिवार्ड अंक दिए जाएंगे। जिनको चालक अपनी सुविधा अनुसार कैश के एवज में परिवर्तित कर सकते हैं।
लेकिन दो माह बीतने के बाद भी चालकों के मोबाइलों में ऐप डाउनलोड तक नहीं किया जा सका। डिपो के अधिकारी व कर्मचारी और चालकों को ऐप के बारे में भी कोई सटीक जानकारी नहीं है। उधर, नाम नहीं छापने पर डिपो के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। यदि आदेश आया होगा तो हमें अभी कोई निर्देश नहीं मिला है।
लंबे रूटों पर चलने से थक जाते हैं चालक
काशीपुर। रोडवेज डिपो में पचास से अधिक रोडवेज बसों का बेड़ा है। डिपो में कार्यरत करीब 70 चालक विभिन्न मार्गों पर बसें चला रहे हैं। लंबे मार्ग पर चलने वाले चालकों को थकान हो जाती है। जिसके चलते कभी-कभी चालकों को नींद आने लगने लगती है। नींद दूर करने के लिए बहुत से चालक धूम्रपान, गुटखा, तंबाकू, पानी, चाय आदि का सेवन करते हैं।
अधिकांश चालक करते हैं कीपैड मोबाइल प्रयोग
काशीपुर। रोडवेज डिपो में कार्यरत अधिकतर चालकों में से कुछ ही चालकों के पास स्मार्टफोन हैं। अधिकांश चालक कीपैड मोबाइल इस्तेमाल करते हैं। यह चालक स्मार्टफोन चलाना भी नाममात्र का ही जानते हैं। इस ऐप का प्रयोग करने के लिए पहले चालकों को हजारों रुपये का मोबाइल खरीदना पड़ेगा और फिर मोबाइल चलाना सीखना पड़ेगा। तब जाकर कहीं यह ऐप कामयाब हो सकता है।
क्या कहते हैं रोडवेज बस चालक
चालक वीरेंद्र बताते हैं कि वह संविदा चालक के रूप में वर्षों से दिल्ली मार्ग पर चलते हैं। कीपैड मोबाइल का प्रयोग करते हैं। हमसफर ऐप के बारे में अभी नहीं बताया गया है। चालक राकेश बताते हैं कि वह भी दिल्ली मार्ग पर बस चला रहे हैं। स्मार्टफोन हैं, लेकिन हमसफर ऐप के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। चालक मुन्ना बताते हैं कि वह काफी समय से आगरा मार्ग पर बस चलाते हैं। कीपैड फोन का प्रयोग करते हैं। स्मार्टफोन तो दूर एटीएम तक नहीं चलाना आता है। अधिकांश रात में ही ड्यूटी करते हैं। नींद भगाने के लिए पानी पी लेते हैं या गुटखा का प्रयोग करते हैं।
31 मार्च को रोडवेज बस चालकों के मोबाइल में हमसफर ऐप डाउनलोड करके इंस्टॉल कराने का समस्त सहायक महाप्रबंधक को आदेश जारी कर दिया गया है। हमसफर ऐप कंपनी को ही इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। देहरादून चालकों के मोबाइल में ऐप डाउनलोड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही अन्य डिपो में पहुंचकर कंपनी कर्मी डाउनलोड करेंगे। फिलहाल जिन चालकों के पास स्मार्टफोन हैं उनके मोबाइल डाउनलोड किया जाएगा। सफलता मिलने पर आगे विचार विमर्श किया जाएगा।
- दीपक जैन, महाप्रबंधक (संचालन) देहरादून, परिवहन निगम
