बरेली: शासन से कोई निर्देश नहीं... दो लाख निवेशकों का सपना प्रशासन के पास बंधक

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Edited By Amrit Vichar
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निवेशकों से जमा कराए गए फार्म डेढ़ सौ बोरों में बंद, किस-किस कंपनी ने कितनी रकम हड़पी, इसका भी फिलहाल कोई आकलन नहीं

बरेली, अमृत विचार। कुछ ही वक्त में रकम दोगुनी करने का सपना दिखाकर जिन लोगों से कंपनियां अरबों रुपये ठगकर ले गईं, जिले में उनकी तादाद दो लाख के पार निकल गई है। इन लोगों से हड़पी गई रकम का ब्योरा फार्मों पर भरवाकर प्रशासन ने उन्हें फिलहाल करीब डेढ़ सौ बोरों में बंद कर एक तरफ रखवा दिया है। युद्धस्तर पर फार्म तो जमा कराए जाने के बाद शासन ने अब तक यह साफ नहीं किया है कि निवेशकों की डूबी रकम वापस दिलाई जाएगी या नहीं और दिलाई जाएगी तो कैसे।

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दो लाख निवेशकों का रकम वापस मिलने का सपना प्रशासन के पास बंधक हो गया है। जिस तेजी से फार्म जमा कराए गए थे, उसी तेजी से उन्हें बोरों में भरवाकर एडीएम एफआर कार्यालय के कोनों में रख दिया गया है। बताया जा रहा है कि अफसरों को उम्मीद थी कि शासन से आगे की कार्रवाई के लिए भी जल्द निर्देश जारी होंगे, लेकिन लंबे समय तक कोई निर्देश नहीं आया तो फार्मों को डंप कर दिया गया।

इसी वजह से ही फार्मों में दर्ज निवेशकों की धनराशि का भी सत्यापन नहीं कराया गया, लिहाजा अब तक यह भी आकलन नहीं हो सका है कि निवेशकों की कुल कितनी धनराशि फंसी हुई है, उनका पैसा हड़पने वाली फ्रॉड कंपनियां कौन-कौन सी है हैं उनकी कितनी चल-अचल संपत्ति बरेली या दूसरे शहरों में है।हालांकि पहले कहा जा रहा था कि पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम सत्यापन कर निवेशकों की डूबी रकम का ब्योरा तैयार करेगी।

कर्मचारियों की कमी से नहीं हो सकी फार्मों की जांच
जिले की तहसीलों और कलेक्ट्रेट में बाबुओं के 165 स्वीकृत पद हैं, इनके सापेक्ष 105 बाबू ही तैनात हैं। एक बाबू पर दो से तीन पटलों का काम है, इसी वजह से निवेशकों के फार्मों की जांच न होने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2017 में भी बरेली में निवेशकों से ऑनलाइन फार्म भरवाए गए थे लेकिन उस वक्त भी उन्हें रकम दिलाने के संबंध में शासन ने कोई आदेश जारी नहीं किया था। यही हालात इस बार भी दिख रहे हैं।

तैयार नहीं हुआ पोर्टल, इसलिए रुकी फीडिंग
कंपनियों की ठगी के शिकार हुए निवेशकों से फार्म संस्थागत, वित्त, बीमा, ब्राह्य सहायतित परियोजना महानिदेशक के निर्देश पर जमा कराए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश वित्तीय अनुष्ठान में जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम अधिनियम 2016 के क्रियान्वयन के लिए एडीएम एफआर को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया है। संस्थागत वित्त के महानिदेशक स्तर पर एक पोर्टल तैयार किया जाना है जो अभी तैयार नहीं हुआ है। इस वजह से फार्मों की फीडिंग भी नहीं हो पा रही है।

सहारा के निवेशकों की रकम जल्द मिलने की चर्चा
प्रशासनिक अफसरों में चर्चा है कि सहारा कंपनी के उन निवेशकों को केंद्र सरकार के स्तर से रकम जल्द दी जाएगी जिनकी रकम डूबी थी लेकिन जिले में सहारा के कितने निवेशक हैं, इस बारे में प्रशासन के पास कोई रिकार्ड नहीं है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिनों पहले सहारा की जब्त धनराशि का बड़ा हिस्सा रिलीज किया है।

निवेशकों को धनराशि कैसे और किस मद से दी जाएगी, इसके लिए शासन से कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। फार्म सुरक्षित रहें इसलिए बोरों में भरवा दिए हैं। फार्म अब भी जमा हो रहे हैं--- संतोष बहादुर सिंह, एडीएम फाइनेंस/सक्षम प्राधिकारी।

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