अयोध्या: यौमे शहादत पर गूंजती रही या अली मौला-हैदर मौला की सदाएं
इमामबाड़ा समेत अन्य इलाकों से निकले ताबूत -ए-मुबारक
अमृत विचार, अयोध्या। पैगम्बर- ए- इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफ़ा के दामाद हज़रत अली इब्ने अबुतालिब अलैहिस्सलाम व शियों के पहले इमाम की शहादत पर 21 रमज़ान को ताबूत - ए- मुबारक विभिन्न इलाकों से निकाले गए।
गुरुवार सुबह नमाज के बाद इमामबाड़ा जवाहर अली खां से शबीहे-ए-ताबूत-ए मुबारक बरामद किया गया। अली हाय, अली हाय की सदाओं के साथ निकले जुलुसे यौमे गम में भारी संख्या में मोमनींन ने शिरकत की। इसके अलावा मरहूम शाकिर हुसैन करबलाई के घर से ताबूत मुबारक बरामद होकर अपने क़दीमी रास्तों से होता हुआ दरगाह हज़रत अब्बास खुर्द महल पहुंचा। जहां ताबूत मुबारक को सुपुर्द ए खाक किया गया। इस मौके पर शिया धर्म गुरू मौलाना अहमद अली आब्दी इमाम - ए - जुमा ने मौला अली की जिंदगी पर प्रकाश डाला। उन्होंने मौला अली के बताए हुए रास्तों पर चलने के लिए मोमनींन को आगाह किया। बाद मजलिस अंजुमन मासूमिया व अंजुमन गुनच - ए - मज़लूमिया का मखसूस नौहा, है मस्जिद ए कूफ़ा में क़यामत का नज़ारा, हर एक नमाज़ी ने ये रो रो कर पुकारा अली हाय अली हाय, जिसको सुनकर मोमनींन ज़ारोकतार रोने लगे।
दौराने जुलूस मौलाना आज़िम बाक़री जौरासी व आखिरी तक़रीर मे मौलाना नदीम रज़ा ज़ैदी ने मौला अली की दर्दनाक शहादत का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा आज दुनिया का मददगार दुनिया से रुख़सत हो गया। आज दुनिया यतीम हो गई। बानी - ए - जुलूस मौलाना शम्सी ने जुलूस मे शिरकत करने आए मोमनींन का शुक्रिया अदा किया। इसके अलावा मोती मस्जिद से हजरत अब्बास छोटी दरगाह कोठा पार्चा, बज्मे सलात मस्जिद से सैयदानी इमामबाड़ा में भी ताबूत- ए- मुबारक निकाला गया। अलविदाई ताबूत - ए- मुबारक हौजे बीबी सकीना धारा रोड से दरगाह हजरत अब्बास खुर्दमहल पहुंचा। जहां भारी तादाद में शियों ने इमाम को पुरसा दिया।
