Fatehpur से कनेक्ट रहा Atiq Ahmed का साम्राज्य, अपराधी माफिया की शह पर करते अपराध, नहीं होती थी कानूनी कार्रवाई
माफिया डॉन अतीक अहमद फतेहपुर से भी कनेक्ट रहा।
माफिया डॉन अतीक अहमद फतेहपुर से भी कनेक्ट रहा। खखरेरू गांव के रहतमतपुर निवासी दो सगे हिस्ट्रीशीटर भाइयों से दहशतगर्द सीधा संबंध का था। दोनों भाइयों ने आपराधिक इतिहास छिपाकर वर्ष 2012 में शस्त्र लाइसेंस हासिल कर लिए थे।
फतेहपुर, अमृत विचार। प्रयागराज के काल्विन हॉस्पिटल में जांच के लिए लाए गए माफिया डॉन अतीक अहमद व सहयेागी अरशद की पुलिस अभिरक्षा में हत्या के मामले ने फतेहपुर को भी सुखियों में ला दिया। ऐसा इसलिए क्योंकि अपराध जगत के इस बेताज बादशाह का फतेहपुर जिले में भी प्रभाव रहा। कई लोग उसके रहमोकरम पर अपराध करते रहे और कानूनी कार्रवाई से बचते रहे। खागा सर्किल के रहमतपुर गांव के हिस्ट्रीशीटर पूर्व प्रधान व उसके भाई ने तो अपराधिक इतिहास छिपाकर शस्त्र लाइसेंस हथियाने का खेल किया।
प्रयागराज में माफिया डॉन अतीक अहमद की साथी के साथ हुई हत्या की खबर के बाद से 29 लाख की आबादी के बीच पल बढ़ रहे करीबियों की धड़कने तेज हो गई। अतीक के बेटे असद की मौत के बाद सक्रिय हुई पुलिस की निगाहें करीबियों को टटोलती नजर आईं। रविवार का दिन होने के बावजूद अतीक के हरेक कनेक्शन की तहकीकात की जाती रही।
यही कवायद, अतीक के करीबियों की मुसीबत का सबब बन दिखाई दी। जो पुलिस कवायद से बचने को खुद को छिपाने के लिए घरों से बाहर निकल गए। शहर के कई मोहल्लों में फिर से माहौल गरम रहा। कुछेक मुस्लिम बहुल गांवों में भी यही सब देखने को मिला। खासकर अतीक के करीबियों की 35 की सूची से वास्ता रखने वाले गांव व बस्ती पर पुलिस की नजर लगी रही।
असद के इनकाउंटर पर 20 ठिकाने गए थे खंगाले
माफिया डान से पहले इनकाउंटर के बाद जिले में भी छापामारी की प्रक्रिया अंजाम दी गई। पुलिस के हाथ में उपलब्ध माफिया के लगभग 35 करीबियों की सूची में 20 के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापामारी हुई थी। इस कार्यवाही को अंजाम देने में चार थाना की फोर्स के साथ दो सेक्सन पीएसी को लगाया गया था।प्रयागराज पुलिस से मिलने इनपुट के बाद यह कार्रवाई हुई। गुरुवार देर शाम की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई को अतीक अहमद के पूछताछ में उन्नाव के साथ फतेहपुर तक असलहे छिपाकर रखने के कुबूलनामे पर अंजाम दिया गया। सदर कोतवाली, मलवां, हुसैनगंज, गाजीपुर थाना के साथ दो सेक्शन पीएसी ने पनी, तुराबअली का पुरवा, लालाबाजार, खेलदार, मसवानी, बिलंदा, खंभापुर, जयरामनगर, चौधराना समेत 20 स्थानों पर छापामारी की।
प्रापर्टी की खरीद फरोख्त से इनकार नहीं किया जा सकता
माफिया डॉन अतीक अहमद के बेटे असद के इनकाउंटर के बाद जिस तरह से फतेहपुर में रहने वाले करीबियों सूची को प्रयागराज पुलिस ने जारी किया। उस पर जिले की पुलिस की जांच आगे बढ़ी। उससे एक बात तो साफ हो रही है कि इन करीबियों का प्रापर्टी की खरीद फरोख्त से भी नाता है। पुलिस की यह जांच, माफिया के रिश्तेदार और गुर्गों से पड़ोसी जिलों में प्रापर्टी खरीद फरोख्त से लेकर अन्य बिंदुओं पर चल रही है।
माफिया का करीबी हिस्ट्रीशीटर कारागार में निरुद्ध
खखरेडू क्षेत्र के रहमतपुर गांव में माफिया अतीक के करीबी हिस्ट्रीशीटर पूर्व प्रधान मोहम्मद अहमद से नजदीकी किसी से छिपी नहीं है। पूर्व प्रधान पर वर्ष 2007 में हत्या का आरोप लगा था। जिसके बाद से वह फरार चल रहा था।पूर्व प्रधान व उसके भाई मोहम्मद जर्रार ने वर्ष 2003 में आपराधिक ब्योरा छिपाकर गलत पता दर्शाते हुए शस्त्र लाइसेंस हासिल किए थे। इसी 16 मार्च को हिस्ट्रीशीटर के तालाब की भूमि पर बने मकान को पुलिस ने बुलडोजर चलवा कर ढहवा दिया था। मौजूदा वक्त दोनों भाई जिला कारगर में निरुद्ध हैं। खखरेरू पुलिस की जांच में मोहम्मद अहमद के पास निकली रिवाल्वर लूटी होने की बात पता चली थी। दोनो हिस्ट्रीशीटर सगे भाई इस समय जेल में निरुद्ध है।
जर्रार पर 25 हजार रूपये का था ईनाम
अतीक अहमद के करीबी रहमतपुर गांव के मोहम्मद जर्रार पर 25 हजार रूपये का ईनाम था।खखरेरू पुलिस ने 26 मार्च को क्राइम ब्रांच के साथ माफिया डॉन के करीबी को कुल्ली गांव की मजार के पास घेराबंदी की तो हिस्ट्रीशीटर ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में जर्रार के दाहिने पैर में गोली लगी। जिसके खिलाफ हत्या, लूट और डकैती समेत तमाम संगीन धाराओं में दर्जनों अपराधिक मुकदमे के वांछित हिस्ट्रीशीटर के पास से एनपी बोर की रायफल और कारतूस बरामद हुई थीं।
माफिया अतीक मर्डर से चप्पे चप्पे में सुरक्षा का पहरा
प्रयागराज में माफिया डॉन की पुलिस अभिरक्षा में मौत के बाद जिले की खाकी सारा दिन फील्ड पर नजर आई। खुद पुलिस कप्तान, मातहतों को दायित्व बोध कराने से लेकर जोश भरने को कदमताल मिलाते नजर आए। संदेश दिया गया कि अफवाहों पर ध्यान न दें। भीड़ लगाने पर पाबंदी का पालन करें। पुलिस आपके साथ हर वक्त खड़ी है। कानून व्यवस्था की बेहतरी को शांति कायम रखना हरेक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज है।
प्रयागराज में मीडियाकर्मी बनकर तीन हमलावरों ने माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके साथी ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर मौत के घाट उतारने से समूचे सूबे में वर्दी को अलर्ट कर दिया गया है। इसी कारण जिले की भी पुलिस को सारा दिन सक्रिय देखा गया। सुरक्षा का अहसास कराने को पुलिस ने मिश्रित बस्तियों खासा वक्त दिया।
शहर के चौक, चौधराना, पीलू तले, बाकरगंज, ज्वालागंज, मसवानी,पनी, पीरनपुर इलाकों में पुलिस ने घूम घूमकर सुरक्षा का अहसास कराया। इस कवायद के दौरान पुलिस कप्तान राजेश कुमार सिंह अपनी टीम को राह चलते जोश भरते नजर आए। उन्होंने कई स्थानों पर रुककर नागरिक को उनके कर्तव्य से वाकिफ कराते हुए जनसहयोग मांगा। जिस पर जगह जगह स्वीकारोक्ति मिलती रही।
