जगदीश शेट्टर ने बी. एल. संतोष पर उनका टिकट काटने का लगाया आरोप, कहा- जब ज्यादा से ज्यादा वोट...

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हुब्बल्लि। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर ने कांग्रेस में शामिल होने के एक दिन बाद मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी. एल. संतोष पर चुनावी राज्य में टिकट के लिए उनकी अपील खारिज करने का आरोप लगाया। शेट्टर छह बार के विधायक, विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। 

भाजपा के हुब्बल्लि-धारवाड़ मध्य सीट से उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट न देने पर उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। कांग्रेस ने उन्हें हुब्बल्लि-धारवाड़ मध्य सीट से टिकट दिया है, जबकि भाजपा ने राज्य महासचिव (संगठन) महेश तेंगिंकाई को उनके सामने उतारा है। शेट्टर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, जब ज्यादा से ज्यादा वोट मिलने की संभावना थी, तो सवाल यह है कि टिकट क्यों नहीं दिया गया। मैंने देखा कि जिस व्यक्ति का लोग सम्मान करते हैं और उन्हें संतोष जी कहते हैं, वहीं बी. एल. संतोष ही इन सब का मूल कारण हैं। 

शेट्टर ने आरोप लगाया कि वह उनके खिलाफ खेले गए खेल का शिकार हुए और जिस टिकट को उन्हें देने की घोषणा कर दी गई थी, उसे वापस ले लिया गया। कर्नाटक विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने तेंगिंकाई को टिकट दिया, जिसने पार्टी संगठन के लिए काम किया। अगर पार्टी उन्हें सम्मानित करना चाहती थी, तो उन्हें विधान पार्षद बना सकती थी या कोई महत्वपूर्ण पद दे सकती थी। उन्होंने दावा किया कि 2018 के विधानसभा चुनाव में धारवाड़ जिले के कलघाटगी निर्वाचन क्षेत्र से चन्नप्पा निंबन्नवर प्रबल दावेदार थे, लेकिन स्थानीय नेताओं ने विद्रोह कर दिया। मजबूरन पार्टी को निंबन्नवर को मैदान में उतारना पड़ा। 

वरिष्ठ नेता ने तेंगिंकाई पर पिछले छह-सात महीने से उनके खिलाफ  कान भरने का अभियान चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संतोष के कई मानस पुत्र (एक व्यक्ति जिसे बेटे की तरह माना जाता है) हैं। शेट्टर ने कहा,  इस मानस पुत्र (महेश तेंगिंकाई) ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर पिछले छह से सात महीने मेरे खिलाफ कान भरने का अभियान चलाया। शेट्टर एक अनुभवी नेता हैं। उनका परिवार जनसंघ के दिनों से पार्टी से जुड़ा रहा है। वह कित्तूर कर्नाटक क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। भाजपा में रहते हुए उन्होंने मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और मुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं दीं। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 10 मई को और मतगणना 13 मई को होगी। 

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