हल्द्वानी: ...तो एक बड़े नेता के इशारे पर रोकी गई थी बड़ौन की ग्राम प्रधान के खिलाफ जांच
पूरे मामले से बड़े नेता का नाम जुड़ने के बाद कई लोगों में खलबली
हल्द्वानी,अमृत विचार। विकासखंड ओखलकांडा के ग्राम बडौन की ग्राम प्रधान नीमा आर्या के प्रकरण में एक बड़े नेता के हस्तक्षेप की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि पूर्व में मंडलायुक्त ने प्रधान व सरपंच के वन भूमि में अतिक्रमण करने और विकास कार्यों में अनियमितता की जांच के आदेश दिये थे, जिसे दबाव में रोक दिया गया।
क्षेत्र पंचायत सदस्य उषा चिलवाल ने ग्रामवासियों को साथ लेकर कुछ समय पहले मंडलायुक्त दीपक रावत को एक शिकायती पत्र दिया था, जिसमें उन्होंने ग्राम प्रधान नीमा आर्या व वन पंचायत सरपंच पर वन भूमि पर अतिक्रमण करने एवं विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। मामले का संज्ञान लेते हुए मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जांच के आदेश दिये थे।
16 मार्च 2023 को जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) सुरेश प्रकाश बैनी ने मंडलायुक्त को दिए शिकायती पत्र के आधार पर खंड विकास अधिकारी ओखलकांडा को मामले की जांच के निर्देश दिये। आदेश में 17 मार्च को प्रधान, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, डीपीओ मनरेगा, जेई पंचायत एवं सहायक विकास अधिकारी से शिकायतकर्ताओं के साथ जांच में उपस्थित रहने को कहा गया था, लेकिन राजनैतिक दबाव के कारण जांच को लटका दिया गया, जो वर्तमान तक पूरी नहीं हो पाई है। इस पूरे प्रकरण के पीछे एक बड़े नेता का हाथ बताया जा रहा है। जिसने मामले को दबाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाए रखा।
तीन साल पहले की शिकायत का नहीं लिया संज्ञान
एक ओर सरकार वन भूमि से अतिक्रमणकारियों को खदेड़ने की बात कर रही है। दूसरी ओर सरकारी अफसर सरकार के आदेशों को पलीता लगा रहे हैं। बडौन की ग्राम प्रधान के प्रकरण में अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है। 26 सितंबर 2020 को ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से एक ज्ञापन एसडीएम धारी को दिया था। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान नीमा आर्या पत्नी सुरेश राम बडौन तोक घोड़ापुठा वन में अतिक्रमण कर निवास करती हैं, लेकिन अधिकारियों की हिलाहवाली के कारण मामले में कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। वर्तमान में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से की गई शिकातय में भी इसका उल्लेख किया है।
प्रमाण पत्रों की भी नहीं की जांच
ग्रामीण जगदीश चंद्र ने 26 सितंबर 2019 को सहायक निर्वाचन अधिकारी नैनीताल को पत्र लिखकर बडौन में विपक्षी प्रत्याशी के फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नामांकन करने की शिकायत की थी। उन्होंने पत्र में मानक अनुसार विपक्षी प्रत्याशी नीमा आर्या के घर में शौचालय न होने तथा मतदाताओं को भ्रमित करने का भी आरोप लगाया था, लेकिन मामले में कोई कार्यवाही नहीं हो पाई।
