नगर निकाय चुनाव: प्रत्याशियों की सूची जारी करने से पहले ढूंढेंगे उपाय... नाराज दावेदारों को कैसे मनाएं
बरेली, अमृत विचार। पार्षद चुनाव के टिकट मांगने वाले दावेदारों की सूची वायरल होने के बाद भाजपा में हलचल का दौर मंगलवार को भी जारी रहा। ऐसे कई दावेदार उन वरिष्ठ नेताओं के सामने आपबीती सुनाने की कोशिश में जुटे रहे जिन्होंने भरोसा दिलाया था कि टिकट उन्हीं को मिलेगा लेकिन सूची में किसी और के नाम के आगे नीला टिक लगा दिया। इन दावेदारों में कई ऐसे भी हैं जिनकी गिनती संगठन के दायित्ववान नेताओं में होती है लिहाजा पार्टी भी सांसत में फंस गई है। प्रत्याशियों की सूची घोषित करने से पहले अब इन दावेदारों का विरोध और गुस्सा शांत करने की रणनीति बनाई जा रही है।
शहर विधानसभा क्षेत्र के एक वरिष्ठ नेता ने सोमवार सुबह धोखे से पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगने वाले दावेदारों की छह पेज की सूची ''संतोष गंगवार- 2024'' नाम से बने पार्टी के उस व्हाट्सएप ग्रुप में डाल दी थी जिसमें पार्टी पदाधिकारियों के साथ तमाम आम कार्यकर्ता भी जुड़े हैं। माना जा रहा है कि सूची संतोष गंगवार के व्यक्तिगत एकाउंट में भेजनी थी लेकिन गलती से उन्हीं के नाम से बने ग्रुप में पोस्ट हो गई। हालांकि 20 मिनट बाद ही इस लिस्ट को डिलीट कर दिया गया लेकिन तब तक तमाम लोगों ने उसे अपने मोबाइल फोन में सेव करके उसे वायरल कर दिया। इस सूची में 46 वार्डों में दावेदारों के नाम के आगे नीले पेन से टिक लगा हुआ था, लिहाजा माना गया कि पार्टी के नेताओं ने इन दावेदारों के नाम फाइनल कर दिए हैं। इस सूची ने पार्टी में भूचाल पैदा कर दिया।
सोमवार को उन दावेदारों ने पार्टी नेताओं के सामने नाराजगी जतानी शुरू कर दी जिनके नाम सूची से गायब कर दिए गए थे। मंगलवार को भी यह क्रम जारी रहा। किसी दावेदार ने खुलकर तो विरोध नहीं जताया लेकिन उनमें गुस्सा जरूर दिखाई दिया। कई दावेदारों ने महानगर अध्यक्ष, महानगर प्रभारी, चुनाव संयोजक के साथ ब्रज क्षेत्रीय अध्यक्ष तक शिकायत पहुंचाई है। बता दें कि हजियापुर, संजयनगर, जाटवपुरा समेत कई वार्ड ऐसे हैं जहां से चुनाव लड़ने के लिए संगठन के दायित्ववान नेताओं ने टिकट पर दावेदारी की है लेकिन वायरल सूची में उनके नाम गायब थे। एक महिला पदाधिकारी ब्रज क्षेत्र में वरिष्ठ पद पर हैं, उनका नाम भी सूची से गायब है। भाजपा के सूत्रों ने यहां तक बताया कि हजियापुर वार्ड से चुनाव लड़ने के लिए एक दावेदार ने खुलकर एक नेता को ऑफर दिया था, उसके नाम की चर्चा इस वार्ड के दावेदारों में जोरशोर से हो रही है।
विरोध: जो पार्टी कार्यक्रमों में कभी दिखे नहीं, सूची में उनका नाम
''संतोष गंगवार 2024.बीजेपी'' नाम से बने जिस व्हाट्सएप ग्रुप में धोखे से सूची पोस्ट हुई, उसमें 46 वार्डों के दावेदारों का ब्योरा था। सूची वायरल होने के बाद दावेदारों की ही नहीं, महानगर के पदाधिकारियों की भी नींद उड़ गई है। कई दावेदारों का आरोप है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें टिकट दिलाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन सूची में किसी और के नाम पर टिक लगाया है। कई दावेदारों का कहना है कि पांच साल ईमानदारी से मेहनत कर संगठन के कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के साथ लोगों को पार्टी की रीति-नीति बताने में पसीना बहाने के बावजूद निकाय चुनाव में उन्हीं को अनदेखा कर दिया गया है। जो लोग कभी संगठन के कार्यक्रमों में दिखे तक नहीं, उनके नामों के आगे वायरल सूची में टिक लगा है। इस तरह की राजनीति से पार्टी को विरोध झेलना पड़ सकता है।
अब मायूस दावेदारों का विरोध शांत करने के लिए माथापच्ची शुरू
सूची वायरल होने के बाद मायूसी में घिरे दावेदारों को मनाकर उनका असंतोष खत्म करने की भी कवायद शुरू हो गई है। मंगलवार दोपहर भाजपा महानगर के अध्यक्ष डॉ. केएम अरोड़ा, चुनाव संयोजक अधीर सक्सेना, महामंत्री प्रत्येष पांडेय, विष्णु शर्मा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बंद कमरे में करीब एक घंटे तक बैठक की। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में पदाधिकारियों ने सूची वायरल होने के बाद दावेदारों में दिखाई दे रही नाराजगी को शांत करने के संबंध में मंत्रणा की। इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी।
ये भी पढे़ं- बरेली: पीछे नहीं हटेंगे, बुधवार को इस्लामिया मैदान में देंगे धरना- मौलाना तौकीर रजा खान
