रुद्रपुर: रेरा कोर्ट में याचिका डालकर ठगी के शिकार 60 लोग कर रहे संघर्ष
सामिया ग्रुप ने लगाया 2.50 करोड़ से अधिक का चूना
दुकान, मकान व प्लाट के नाम पर कई को दिया धोखा
रुद्रपुर, अमृत विचार। ठगी के मामले में फंसे सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स ग्रुप के मालिक जमील-ए-खान और निदेशक सगीर अहमद खान जहां एसआईटी की रडार पर हैं। वहीं, सामिया ग्रुप के खिलाफ कई प्रदेशों के लोगों ने रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट के तहत रेरा कोर्ट में याचिका दायर की है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि ग्रुप ने उन्हें दुकान, फ्लैट एवं प्लाट के नाम करोड़ों की ठगी की है। ऐसे में जहां मालिक एवं निदेशक पर पुलिस शिकंजा कस रही है। वहीं, रेरा कोर्ट का निर्णय यदि याचिकाकर्ताओं के पक्ष में आया तो सामिया ग्रुप पर कार्रवाई की तलवार लटकना तय है।
समाजसेवी सत्यजीत सिंह ने बताया कि वह खुद सामिया कॉलोनी में रहते हैं और पुलिस कार्रवाई से पहले ही सामिया ग्रुप की धोखाधड़ी के शिकार लोगों को इंसाफ दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 से वर्ष 2016 तक 60 लोगों ने ठगी की शिकायत करते हुए रेरा कोर्ट में याचिका दायर की थी।
जिसमें मुद्री देवी, उमा गुंजन, रविंद्र कुमार, अजीत कुमार सिंह, सतीश कुमार, आरएस राठौर, बहादुर सिंह, दिनेश बहादुर, रुद्रपुर की पूनम हर्बोला, प्रवीण शर्मा, अनिल शर्मा, जैकी प्रसाद व ममता राय, शालिनी कौर, दुर्गापाल, एमएनजी रब्बानी, विनोद कुमार, ओमकार गुप्ता, सुदर्शन पंत, ललित कुमार, संजय असगोला, गोपाल सिंह, जमन सिंह, श्रीमता घोष, विनीता कश्यप, कमलेश रावत, सरिता जैन, जगदीश बहुगुणा, सुशीला मनचंदा, नवीन चंद्र उपाध्याय, हर सिंह फत्र्याल, नरेंद्र सिंह, दीवान सिंह, विनोद कुमार, प्रमोद कुमार सिंह, बीएस रावत, रोहित कनौजिया,अ भिजीत मैत्री, शुभम शाह, निर्मला डसीला, ओमप्रकाश बोरा, राम सिंह असवाल, भारती देवी, पुष्पा देवी, राममूर्ति, ममता पाल, सब्बीर अहमद, डीजे मोहत्रा, कल्पना शेखर, वरुण कुमार, अमोद, सुमन यादव और अर्चित कक्कड़ ने रेरा कोर्ट में याचिका दायर की है।
उन्होंने बताया कि सभी याचिकाकर्ता दिल्ली, नोएडा, नई दिल्ली, गाजियाबाद, रुद्रपुर, गदरपुर, नोएडा, लखनऊ, मुंबई, हिमाचल प्रदेश, चंपावत, कोलकता, पिथौरागढ़, लालकुआं, बरेली, खटीमा, अमृतसर के रहने वाले हैं। जिनको मकान, प्लाट व दुकान के नाम पर ठगा गया है। समाजसेवी सत्यजीत ने बताया कि ठगी का शिकार याचिकाकर्ताओं की रकम 2.50 करोड़ से अधिक की है।
जिसमें छह याचिकाओं पर रेरा कोर्ट का फैसला याचिकाकर्ताओं के पक्ष में आया है। बाकी लंबित याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। बताया कि अभी तमाम शिकायतकर्ता ऐसे होंगे जिनको अधिवक्ताओं के माध्यम से या फिर दूसरे तरीके से न्यायालय में सुनवाई चल रही होगी। उन्होंने सामिया ग्रुप के ठग खेले को अभी कई करोड़ों में आंका है। साथ ही कहा कि जब तक याचिकाकर्ताओं को न्याय नहीं मिलेगा उनका संघर्ष जारी रहेगा।
