Nikay Chunav : निकाय चुनाव में गुटबाजी, कांग्रेस के चुनाव प्रभारी और सपा के पूर्व जिला महासचिव ने दिया इस्तीफा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

महोबा में निकाय चुनाव में गुटबाजी।

महोबा में निकाय चुनाव में सपा और कांग्रेस में बड़ी गुटबाजी। गुटबाजी के चलते कांग्रेस के चुनाव प्रभारी और सपा के पूर्व जिला महासचिव ने इस्तीफा दिया।

महोबा, अमृत विचार। नगर निकाय चुनाव में चरखारी और खरेला सीट को लेकर सपा और कांग्रेस में गुटबाजी बढ़ गई है। दोनों दलों में गुटबाजी इतनी बड़ी की सपा के पूर्व जिला महासचिव एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष चरखारी मोइनुद्दीन ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वही गुटबाजी के चलते चरखारी खरेला क्षेत्र के निकाय चुनाव प्रभारी बनाए गए रामकृष्ण मिश्र ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। जिसके चलते चरखारी और खरेला सीट पर बनाए गए सपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को करारा झटका लगा है।

निकाय चुनाव में चरखारी और खरेला क्षेत्र के चुनाव प्रभारी बनाए गए रामकृष्ण मिश्र ने क्षेत्र में भ्रमण कर चरखारी और खरेला में तलाश करने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने के लिए तैयार किया था, और उन्हें हरी झंडी भी दे दी थी। इसके बाद कांग्रेस के दोनों प्रत्याशियों ने क्षेत्र में संपर्क अभियान भी तेज कर दिया।  लेकिन कांग्रेस नेता निर्दोष दीक्षित को यह रास नहीं आया।

उन्होंने प्रत्याशियों को बुलाकर अपने हिसाब से काम करने को कहा जिस पर प्रत्याशियों ने उनकी एक नहीं सुनी और चरखारी क्षेत्र के चुनाव प्रभारी से शिकायत की। शिकायत करने के बाद चुनाव प्रभारी और चरखारी विधानसभा केपूर्व प्रत्याशी रहे निर्दोष दीक्षित के बीच कहासुनी हो गई। इससे नाराज होकर चुनाव प्रभारी रामकृष्ण मिश्र ने प्रभारी पद के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया। चरखारी के चुनाव प्रभारी ने इस्तीफा पार्टी हाईकमान को भेज दिया। इसके बाद से पार्टी के उम्मीदवार भी निकाय चुनाव को लेकर ढीले पड़ गए हैं।

वर्ष 2012 में नगर पालिका परिषद चरखारी से सपा के टिकट पर विजयी हुए मोइनुद्दीन ने पार्टी हाईकमान को भेजे इस्तीफे में बताया कि इस दफा के निकाय चुनाव में उनसे जिले के पदाधिकारियों और चरखारी के पदाधिकारियों ने चुनाव को लेकर न तो कोई सलाह मशविरा किया, न ही कोई बातचीत की। उल्टा चुनाव में उनकी उपेक्षा की गई। इससे नाराज होकर दो दशक से ज्यादा सपा की सेवा करने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेता मोइनुद्दीन ने सपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

अब सपा प्रत्याशी के पक्ष में भी कोई संपर्क नहीं कर रहे हैं। जिससे मोइनुद्दीन और पार्टी प्रत्याशी के बीच खासी गुटबाजी देखने को मिल रही है। एक बात तो तय है कि गुटबाजी के चलते सपा प्रत्याशी को निकाय चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है।

संबंधित समाचार