फर्जी जाति प्रमाणपत्र: सवाल तो कई हैं मगर जांच तो हो, तहसीलदार बोले- नहीं मिला आदेश

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Edited By Amrit Vichar
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रिठौरा में चुनाव लड़ने के लिए पिछड़ी जाति की महिला को एससी का प्रमाणपत्र जारी करने की नहीं शुरू हुई जांच

बरेली, अमृत विचार। रिठौरा नगर पंचायत के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए पिछड़ी जाति के संजीव कश्यप की पत्नी खुशबू को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी कर दिए जाने का मामला गंभीर हो गया है। दरअसल, यह तो साफ हो ही चुका है कि फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए लेखपाल की लॉग इन आईडी और पासवर्ड का किसी और ने इस्तेमाल किया लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि इसी तरह कहीं और भी लेखपालों के लॉग इन आईडी और पासवर्ड का भी इस्तेमाल तो फर्जीवाड़ा करने वाले नहीं कर रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद अब तक इस मामले की जांच शुरू नहीं हो पाई है।

खुशबू कश्यप के ऑनलाइन आवेदन का सत्यापन कर उन्हें अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र देने की संस्तुति लेखपाल ऋचा सिंह की आईडी से की गई थी जो अवकाश पर थीं। इस मामले में एसडीएम सदर ने तहसीलदार सदर को जांच का आदेश जारी करने की बात कही थी लेकिन तहसीलदार आदेश का कहना है कि उन्हें अभी आदेश नहीं मिला है। 

हालांकि खुशबू का प्रमाणपत्र रद्द करने के लिए उन्होंने एनआईसी को लिख दिया है। फिलहाल इस फर्जीवाड़े में राजस्व विभाग के ही किसी कर्मचारी का हाथ होने का शक जताया जा रहा है लेकिन सवाल उठ रहा है कि लेखपाल का लॉग इन आईडी और पासवर्ड किसी और के पास पहुंचा। कहीं ऐसा तो नहीं इसी तरह और भी लेखपालों की लॉगइन आईडी और पासवर्ड किसी ने हथिया रखे हों और यह फर्जीवाड़ा बड़े पैमाने पर चल रहा हो।

दरअसल, इस मामले में अधिकारी भी फिलहाल कुछ खुलकर नहीं बोल रहे हैं। तहसीलदार रामनयन सिंह भी इस सवाल में घिरे हुए हैं कि लेखपाल के छुट्टी पर होने के बावजूद उन्होंने उसकी ऑनलाइन रिपोर्ट पर जाति प्रमाणपत्र कैसे जारी कर दिया। सवाल यह भी उठ रहा है कि चुनाव लड़ने के लिए और भी प्रत्याशियों का भी तो ऐसे ही रास्ता साफ नहीं किया गया है।

चुनाव की व्यस्तता की वजह से समय लग रहा है। जांच तहसीलदार से कराई जाएगी। जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी। जो भी गड़बड़ी का जिम्मेदार होगा, उस पर कार्रवाई होगी--- प्रत्यूष पांडेय, एसडीएम सदर।

मुझे जांच मिलने की जानकारी नहीं है। मेरे पास आदेश नहीं आया है। लेखपाल के लॉगिन-पासवर्ड का इस्तेमाल किसने और क्यों किया यह तो जांच में ही पता चलेगा। सभी के बयान दर्ज किए जाएंगे--- रामनयन सिंह, तहसीलदार सदर।

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