नगर निकाय चुनाव: मुद्दा शहर के विकास का...'एक बोल रहा करा दिया', 'दूसरा कह रहा कराएंगे'
बरेली, अमृत विचार। निकाय चुनाव का पहला पड़ाव यानी उम्मीदवारों का नामांकन पर्चा दाखिल करने का आज अंतिम दिन हो समाप्त हो गया है। अब चुनावी मैदान में रणबांकुरे उतर चुके हैं। भाजपा ने जहां एक बार फिर उमेश गौतम पर दांव लगाया है वहीं सपा ने संजीव सक्सेना को अपने उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है। तो वहीं सपा के ही पूर्व महापौर डॉक्टर आईएस तोमर ने निर्दलीय नामांकन पर्चा भरा है।
भाजपा के निवर्तमान महापौर दावा करते हैं कि उन्होंने शहर में विकास कार्य को कराया है। उन्हीं के कार्यकाल में जनता को कुतुबखाना पुल, समेत स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत तमाम कार्य कराए गए। वहीं उनकी इस बात को उनके पुराने प्रतिद्वंदी डॉ आईएस तोमर खंडन करते हैं उनका कहना है शहर का सत्यानाश कर दिया गया जनता से कुछ भी छुपा नहीं है। इसी कारण वह चुनाव मैदान में उतरे हैं उन्हें चुनाव लड़ने का कोई शौक नहीं था लेकिन शहर के हालात देखकर वह अपने आप को रोक नहीं पाए। सपा के प्रत्याशी संजीव सक्सेना का कहना है कि वह शहर को गड्ढा मुक्त कराएंगे महापौर बनने के बाद उनकी प्राथमिकता शहर में विकास कराना ही रहेगी। जहां भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार उमेश गौतम विकास करने का दावा करते हैं तो वही उनके प्रतिद्वंदी विकास कराने का दावा कर रहे हैं। मुकाबला बहुत ही दिलचस्प रहेगा जानकारों की मानें तो इस बार का मुकाबला भी निवर्तमान महापौर उमेश गौतम व पूर्व महापौर डॉ आईएस तोमर के बीच ही रहेगा
एक बार फिर आमने सामने होंगे उमेश गौतम और डॉ आईएस तोमर
दो बार महापौर रहे डॉ. आईएस तोमर आखिरकार चुनाव मैदान में एक बार फिर उतर ही गए। उन्होंने महापौर के लिए निर्दल प्रत्याशी के तौर पर आज नामांकन करा ही दिया। उनके ताल ठोंकने से महापौर की चुनावी जंग दिलचस्प हो गई है। डॉ. तोमर के खेमे ने पहले ही साफ कर दिया था कि भाजपा ने अगर पूर्व महापौर उमेश गौतम पर दांव लगाया तो वह हर हाल में चुनाव लड़ेंगे। दरअसल नगर निगम के पिछले चुनाव में डॉ. आईएस तोमर और उमेश गौतम आमने सामने थे। 2017 के इस चुनाव में डॉ. तोमर को 126343 वोट मिले तो गौतम 139127 वोट पाकर चुनाव जीते। उस चुनाव के बाद डॉ. तोमर और उमेश में तलख्यिां बढ़ती ही चली गईं। जमकर आरोप प्रत्यारोप के दौर चले। सॉलिड वेस्ट प्लांट के साथ ही डॉ. तोमर का धनवंतरी अस्पताल भी चर्चा में रहा। डॉ. तोमर पहले चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं थे। तब तक माना जा रहा था कि भाजपा अपना टिकट बदल सकती है।
एक बार तो भाजपा खेमे में महापौर के लिए डॉ. तोमर के नाम की भी चर्चा चली। सपा में चुनाव की बावत पूछा गया तो डॉ. तोमर ने इंकार कर दिया जिसके बाद ही पार्टी ने संजीव सक्सेना को उम्मीदवार बनाया। इधर सपा ने संजीव सक्सेना को मैदान में उतारा और उधर भाजपा से उमेश गौतम का टिकट पक्का होने की सूचना आई । इसके बाद ही डॉ. तोमर ने चुनाव लड़ने का मन बनाया और पहले शपथपत्र बनवाया गया और फिर नामांकन पत्र खरीदा गया। रविवार रात भाजपा ने उमेश गौतम को प्रत्याशी घोषित किया और उसके चंद मिनट बाद ही डॉ. तोमर ने निर्दलीय महापौर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। वो महापौर पद के लिए चौथी बार मैदान में उतरे हैं। महापौर के लिए बसपा ने मोहम्मद युसूफ को और कांग्रेस ने केबी त्रिपाठी को मैदान में उतारा है।
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