मुरादाबाद: गिर्जिया देवी के कोसी नदी में नहा रहे दो युवकों की डूबने से मौत
देवी मंदिर में दर्शन को गए थे पांच युवक, नदी में नहाने के लिए उतरे
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मुरादाबाद/ रामनगर, अमृत विचार। उत्तराखंड के नैनीताल स्थित गिर्जिया देवी मन्दिर में दर्शन करने पहुंचे महानगर (मुरादाबाद) दो युवक कोसी नदी में नहाते समय गहरे कुंड में डूब गए। कड़ी मशक्कत के बाद उत्तराखंड पुलिस ने दोनों का शव नदी से निकाला। युवकों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में हरथला रामलीला मैदान के समीप रहने वाले डा.राजकुमार का 19 वर्षीय पुत्र आशीष ठाकुर मंगलवार को अपने दोस्त सूरज यादव निवासी निकट मनोकामना मंदिर सिविल लाइंस व अन्य तीन दोस्तों के साथ रामनगर के गिर्जिया देवी मंदिर पहुंचा था।
सभी दोस्त एक साथ मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद नदी में नहाने लगे। स्नान के दौरान आशीष व सूरज यादव गहरे कुंड में चले गए। दोनों युवकों को डूबता देख उनके साथियों ने शोर मचाया। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। दोनों युवकों के डूबने की जानकारी गर्जिया चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों को दी गई। दोनों युवकों को बेहोशी की हाल में पुलिस ने नदी से बाहर निकाला।
उपचार के लिए दोनों को रामनगर में सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने दोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया। चौकी के इंचार्ज गगनदीप सिंह ने बताया कि कुंड में डूबने से आशीष ठाकुर व सूरज यादव की मौत हो गई। पोस्टमार्टम बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिया गया।
दोनों की एक साथ मौत से सदमे में महानगर के दो परिवार
कोसी नदी की क्रूर धारा वर्षों पुराने दो दोस्तों की जान की दुश्मन बन गई। काल के गाल में फंसे दोनों दोस्तों ने एक दूसरे को बचाने की जीतोड़ कोशिश की। भंवर में फंसे होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। तैराक न होने के बाद भी एक दूसरे की जान बचाने का प्रयास किया। कोसी की क्रूर लहरें दोनों दास्तों पर भारी पड़ गईं। एक साथ महानगर के दो युवकों की अकाल मौत ने मंगलवार शाम समूचे शहर को झकझोर दिया।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में हरथला रामलीला मैदान निवासी आशीष ठाकुर व रेलवे कालोनी मनोकामना मंदिर निवासी सूरज यादव, हिमांशु सिंह, इमरान व आदित्य पीएमएस स्कूल में पढ़ते हैं। योजना बनाकर मंगलवार को सभी छात्र आशीष ठाकुर की कार से रामनगर घूमने निकले। मंदिर में दर्शन के बाद सभी दोस्तों ने कोसी में नहाने की योजना बनाई। नहाने के दौरान आशीष ठाकुर गहरे पानी में चला गया। दोस्त को डूबता देख सूरज आगे बढ़ा। हालांकि वह तैरना नहीं जानता था।
दोस्त की जान बचाने की चाह ने सूरज को आगे बढ़ने पर मजबूर कर दिया। एक दूसरे को बचाने की कोशिश में दोनों दोस्त एक साथ कोसी की लहरों से लड़ने में जुटे। दोनों ने अथक प्रयास किया कि वह कोसी की खतरनाक लहरों से बाहर निकल सकें। दोनों दोस्तों को डूबता देख दुकानदार भी शोर मचाते आगे बढ़े। दुकानदारों ने दोनों युवकों को नदी से बाहर निकाला। तब तक काफी देर हो चुकी थी। रामनगर में सरकारी अस्तपाल के चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
पुत्र को अकेले भेज कर दी चूक
आशीष के पिता राजकुमार कश्यप गहरे अवसाद में हैं। पेशे से चिकित्सक पिता ने बताया कि परिवार में पत्नी राजकुमारी के अलावा तीन और पुत्र हैं। आशीष सभी में छोटा था। रामनगर जाने की योजना आशीष ने पिता को भी बताई थी। हालांकि इसके पहले आशीष व अन्य बच्चों को साथ लेकर वह रामनगर जाते थे।
इस बार आशीष को अकेले भेजने की वह चूक कर बैठे। बातचीत में राजकुमार ने कहा कि कोसी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी चाहिए। पूर्व में भी ऐसे कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं, जब सैलानियों को कोसी की लहरें लील चुकी हैं। दोबारा ऐसी घटना न हो, इसलिए गिरिजा देवी मंदिर के आसपास गोताखोर, तैराक व सुरक्षाकर्मियों की तैनाती जरूरी है।
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