कानपुर निकाय चुनाव 2023: दीनदयाल भये भाजपा के लिए संकट भारी, एक दर्जन वार्डों में अपने ही ठोंक रहे ताल
डॉ.संजीव मिश्र, कानपुर/ अमृत विचार। ‘कोई बुरा प्रत्याशी केवल इसलिए आपका मत पाने का दावा नहीं कर सकता कि वह किसी अच्छे दल की ओर से खड़ा है। दल के हाईकमान ने ऐसे व्यक्ति को टिकट देते समय पक्षपात किया होगा। अत: ऐसी गलती को सुधारना मतदाता का कर्तव्य है।’
भारतीय जनता पार्टी के वैचारिक अधिष्ठान के प्रणेता पंडित दीनदयालय उपाध्याय द्वारा अपनी पॉलिटिकल डायरी के पृष्ठ 151 पर दिनांक 11 दिसंबर 1961 को लिखे उक्त शब्द इस समय पार्टी के बागियों को बहुत याद आ रहे हैं। इसके चलते भाजपा का शहर संगठन भारी दबाव में है। दर्जन भर से अधिक वार्डों में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ जिन्हें टिकट नहीं मिला है, उन कार्यकर्ताओं ने ताल ठोंक रखी है। एक वार्ड में तो पूर्व पार्षद ही मैदान में हैं।
पार्टी इन सबको मनाने की मशक्कत में जुटी है। इस सबके बीच महापौर प्रत्याशी के रूप में प्रमिला पांडेय को दोबारा उतारने से नाराज खेमा भी सक्रिय है। इस खेमे की नाराजगी प्रमिला पांडेय को टिकट देने से ज्यादा इस बात से है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से आठ दशक से जुड़े परिवार की बहू नीतू सिंह को टिकट का आश्वासन देकर भी अचानक अंतिम क्षणों में टिकट कैसे काट दिया गया।
इन स्थितियों में भाजपा के बागी वार्ड स्तर पर तो सक्रिय हैं ही, शहर स्तर पर भी रणनीति बना रहे हैं। अक्सर चुनाव में संघ के स्वयंसेवक खासे सक्रिय दिखते हैं, किन्तु इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। तमाम पार्षद प्रत्याशी स्वयंसेवकों की पर्याप्त सक्रियता न देखकर समानांतर रणनीति बना रहे हैं।
यह स्थिति नामांकन वाले दिन भी दिखी थी, जब भारी संख्या में पार्षद प्रत्याशियों ने महापौर प्रत्याशी प्रमिला पांडेय के जुलूस में शामिल होकर नामांकन कराने की जगह अकेले मोतीझील पहुंच कर नामांकन कराया था। भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती अंदरखाने सुलग रही बगावत को थामने की है और पार्टी लगातार इस काम में जुटी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ‘कोट’
सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी के प्रेरणापुरुष कहे जाने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एक ‘कोट’तेजी से शेयर हो रहा है, जिसमें वे अच्छी पार्टी से गलत प्रत्याशी उतारे जाने पर मत पाने के उसके दावे को खारिज कर कहते हैं कि अच्छी पार्टी से बुरा प्रत्याशी उतारते समय हाईकमान ने निश्चित रूप से पक्षपात किया होगा। उन्होंने मतदाताओं को हाईकमान की गलती सुधारने की जिम्मेदारी सौंपी थी। अब सोशल मीडिया पर उनकी बात लिखकर भाजपा हाईकमान पर पक्षपात के आरोप लगाए जा रहे हैं।
शहर में होर्डिंग्स लगाने की भी तैयारी
भाजपा के बागियों ने हर स्तर पर पंडित दीन दयाल उपाध्याय के 62 साल पहले यानी 1961 में लिखे शब्दों को उपयोग में लाने की तैयारी की है। बताया जाता है कि शहर में प्रमुख स्थानों पर उक्त ‘कोट’ की होर्डिंग लगाने की तैयारी हो रही है। एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा कि समाज के लोग आहत हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय दूरदृष्टा थे और उन्होंने वर्तमान स्थितियों के दृष्टिगत ही यह बात कही होगी, इसलिए वे इस ‘कोट’का इस्तेमाल कर रहे हैं।
संगठन में हर व्यक्ति की उपयोगिता
बागियों की हर हरकत को भाजपा बेहद गंभीरता से ले रही है। वार्ड से लेकर कानपुर क्षेत्र स्तर तक बगावत पर नियंत्रण की कोशिशें बुधवार को दिन भर चलती रहीं। गुरुवार को नाम वापसी होनी है, इसलिए पार्टी की कोशिश वार्डों में बगावत कर नामांकन कराने वाले कार्यकर्ताओं का नाम वापस कराने की है। इसके बाद घर-घर जाकर लोगों को मनाया जाएगा।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की उक्ति का प्रयोग कर बगावत को हवा देने के संबंध में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल का कहना है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय महान विचारक थे। उन्होंने अलग-अलग समय पर अलग-अलग विषय रखे हैं। तदनुरूप उनकी उपयोगिता है। संगठन में भी हर व्यक्ति की उपयोगिता है और इस बात पर अमल भी किया जाएगा।
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