हल्द्वानी: चित्रशिला घाट में 2 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से बन रहा है इलैक्ट्रिक शवदाह गृह
हल्द्वानी, अमृत विचार। नगर निगम की ओर से रानीबाग, चित्रशिला घाट पर बन रहा विद्युत शवदाह गृह बरसात से पहले बनकर तैयार हो जाएगा। मई के बाद लोग यहां मृतकों की अंत्येष्टि करा सकते हैं।
2 करोड़ 71 लाख रुपये की राशि से यह बन रहा है। जुलाई 2020 में इलेक्ट्रिक शवदाह गृह की नींव पड़ी थी। अप्रैल 2023 तक इसे बनकर तैयार होना था। मगर कोविड और तकनीकी खामियों के कारण कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाया।
घाट पर एक इलेक्ट्रिक शवदाह गृह और पांच परंपरागत शवदाह गृह बनाए गए हैं। हल्द्वानी समेत लालकुआं, कालाढूंगी, ओखलकांडा, भीमताल और आसपास के लोग शवों के अंतिम संस्कार के लिए रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट आते हैं। बरसात के दिनों में गौला का जलस्तर बढ़ने से शव को जलाने में परेशानी होती है। लकड़ियां गीली होने के कारण शव जलाने के लिए पेट्रोल, डीजल का तक इस्तेमाल करना पड़ता है। इसमें समय की भी काफी बर्बादी होती है। विद्युत शवदाह गृह बनने से ये परेशानी दूर होगी। एक शव का अंतिम संस्कार डेढ़ से दो घंटे में होना संभव हो पाएगा।
नदी का पानी प्रदूषित होने से बचेगा
चित्रशिला घाट पर आधुनिकतम शवदाह गृह बन जाने से नदी का पानी प्रदूषित होने से बचेगा। साथ ही वायु प्रदूषण भी नहीं होगा। परंपरागत तरीके से शव को जलाने से नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है। गौला नदी में इस स्थान पर गंदगी फैली रहती है। इससे आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मई के बाद रानीबाग, चित्रशिला घाट पर बन रहा विद्युत शवदाह गृह शुरू हो जाएगा। इसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। करीब 2.71 करोड़ की लागत से यह बनाया गया है। शीघ्र ही लोग यहां शवों का अंतिम संस्कार करा सकेंगे।
-पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त।
