दुष्कर्म पीड़िता के बयान की सत्यता की जांच नारीत्व का अपमान :HC
प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए कहा कि एक महिला या लड़की, जिसके साथ दुष्कर्म हुआ है, वह कभी भी सह-अपराधी या सहयोगी नहीं मानी जा सकती है और उसकी गवाही पर संदेह करना नारीत्व का अपमान है। उक्त टिप्पणी न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा की एकल पीठ ने राजे उर्फ राजेश उर्फ संतोष कुमार की याचिका को खारिज करते हुए दिया। कोर्ट ने आगे कहा कि दुष्कर्म पीड़िता की एकमात्र गवाही के आधार पर बिना अन्य साक्ष्यों के भी एक अभियुक्त को दोषी ठहराया जा सकता है।
दरअसल आरोपी ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, फतेहपुर द्वारा वर्ष 2010 में पारित आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याची पर आरोप है कि 15 वर्षीय नाबालिग पीड़िता वर्ष 2001 में सुबह लगभग 6:30 बजे खेत में शौच करने के लिए गई थी, तब आरोपी और उसके सहयोगी चुन्नी लाल शर्मा ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। चश्मदीद गवाहों के आधार पर निचली अदालत ने पाया था कि दुष्कर्म के आरोप सत्य और प्राकृतिक हैं और पीड़िता तथा उसके भाई के पास आरोपी व्यक्तियों को दुष्कर्म जैसे अपराध में फंसाने का कोई कारण भी नहीं है। याची के अधिवक्ता ने यह तर्क दिया कि मामले की प्राथमिकी घटना के 2 दिन बाद दर्ज की गई और इस देरी के लिए कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया। पीड़िता के बयान की मेडिको-लीगल जांच रिपोर्ट से पुष्टि भी नहीं होती है। मामले की परिस्थितियों पर विचार करते हुए अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि गवाहों के बयान में निरंतरता पाई गई है। प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी भी कुछ असाधारण नहीं थी, क्योंकि कथित अपराध दुष्कर्म का था।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए न्यायालय ने कहा कि दुष्कर्म के मामले में पीड़िता की गवाही एक घायल गवाह के समान है। यौन अपराध की पीड़िता का साक्ष्य अपने आप में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जाता है। इसके अलावा अदालत ने याची के अधिवक्ता के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि पीड़िता के निजी अंगों पर कोई चोट नहीं थी, इसलिए उसके बयान को खारिज किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने इस संदर्भ में कहा कि जहां पीड़िता के निजी अंगों पर चोट के कोई बाहरी या आंतरिक निशान मेडिकल जांच में नहीं पाए जाते हैं, वहां भी पीड़िता की गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता है कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है।
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