वोट विचार विद अमृत विचार: मतदाता बोले- पार्षद ट्रेन तो चलवा नहीं सकता, मेयर को तो मेरे वार्ड का नाम भी नहीं पता होगा

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में वोट विचार विद अमृत विचार कार्यक्रम में लोगों ने अपनी समस्याएं बताई।

कानपुर में वोट विचार विद अमृत विचार कार्यक्रम में लोगों ने अपनी समस्याएं बताई। मतदाताओं ने कहा कि पार्षद को वार्ड घर की तरह समझना चाहिए। इसके साथ ही कहा कि पार्षद ट्रेन तो चलवा नहीं सकता। मेयर को तो मेरे वार्ड का नाम भी नहीं पता होगा।

कानपुर, अमृत विचार। चचा बोले, पार्षद जीतने के बाद कॉलर उठाकर चलने लगते हैं, अहंकार छोड़ना चाहिए, इसी बीच अम्मा की आवाज आई हम जैसे बुजुर्गों को योजनाओं के माध्यम से पार्षद को लाभ दिलाना चाहिए। वहीं, एक अन्य ने कहा कि पार्षद को अपने घर की तरह वार्ड को भी समझना चाहिए तभी दिक्कतें दूर हो सकती हैं.., ऐसी ही कई समस्याएं रविवार को ‘वोट विचार विद अमृत विचार’ कार्यक्रम में लोगों ने रखीं। पहले दिन रामादेवी चौराहे के निकट मलिक गेस्ट हाउस और कृष्णा नगर में हुए कार्यक्रम में जमकर भीड़ जुटी। इसदौरान लोगों ने उनके क्षेत्र का पार्षद और शहर का मेयर कैसा हो, इसपर भी राय दी।

पार्षद कोई ट्रेन थोड़ी न चलवा सकता

कृष्णा नगर में जुटे लोगों में विकास ने कहा कि हम लोगों को पार्षद से हम लोगों को ट्रेन तो चलवानी नहीं है। क्षेत्र की मूलभूत जरूरतों को वह पूरा कर दे बस। उन्होंने कहा कि पहले की अपेक्षा अब जो नई पीढ़ी के पार्षद बन रहे हैं उनमें इच्छाशक्ति की कमी है। जीतने के बाद काम नहीं कराना चाहते हैं। रत्ना भाटिया ने कहा कि पार्षदों और मेयर को बुजुर्गों का भी ख्याल रखना चाहिए। किशन लाल ने कहा कि सफाई नहीं होती है। तो रमेश चंद्र ने कहा कि नाले-नालियां बजबजा रहीं हैं। चाहे जितनी शिकायत कर लो काम नहीं होता है। बलविंदर सिंह ने कहा कि कोई भी वार्ड हो हर जगह आज जलभराव समस्या से लोग परेशान हैं।

70 लोगों को काट चुका कुत्ता फिर भी आवारा

वार्ड 24 के निवासी नवनीत भाटिया ने कहा कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों ने लोगों को परेशान कर रखा है। एक गली का कुत्ता अब तक 70 लोगों को काट चुका है। कई शिकायतें नगर निगम को की गईं लेकिन आज भी वह खुला घूम रहा है। वहीं, बउआ शुक्ला, राज नारायण शुक्ला और अनिल भाटिया ने भी कहा कि आवारा जानवर और सुअर शहर में बड़ी समस्या हैं। जिसकी वजह से कई बार घटनाएं होती हैं। इसपर न तो क्षेत्रीय पार्षद और मेयर ध्यान देते हैं और न ही नगर निगम ही एक्शन लेता है।

कूड़े की वजह से एक किलोमीटर का बढ़ गया चक्कर

कार्यक्रम में शामिल हुई रामादेवी वार्ड में रहने वाली मोनिका गुप्ता ने बताया कि रामादेवी मुख्य चौराहे पर कूड़ादान लगाया गया है। उसमें लोग डालते रहते हैं। लेकिन महीनों कूड़ा उठता नहीं है। जिसकी वजह से सड़ांद आने लगी है। गंदगी की वजह से अब एक किलामीटर घूमकर जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि शहर में रह रहे हैं लेकिन गांव से भी बद्दतर स्थिति है। इससे अच्छा तो मेरा गांव है। मोनिका के साथ उनकी नन्हीं बेटियों आध्या और सोनी ने कहा कि बड़े होकर पीएम बनूंगी तब समस्याओं को दूर करूंगी। इसी तरह किशनलाल, संगीता, चंद्रप्रकाश बाली, राकेश कुमार ने सफाई की समस्या को बड़ा मुद्दा बताया।

आसानी से उपलब्ध हो पार्षद, घर का काम नहीं करवाना

कार्यक्रम में जुड़े लोगों ने एक बड़ी समस्या बताई की पार्षद ऐसा होना चाहिए जो आसानी से उपलब्ध हो जाए। उससे अपने घर का काम तो करवाना नहीं है। अंजनी सिंह ने बताया कि पार्षद जीतने के बाद एक बार भी झांकने नहीं आते हैं। चुनाव के समय जो पैर छूकर वोट मांगने आते हैं वह बाद में पहचानते तक नहीं है। बस यही चाहते हैं कि पार्षद संपर्क में रहे, और महज अपना काम करता रहे।

मेरी बीवी विकलांग है। अनुदान के लिए सालों से भटक रहा हूं। क्षेत्रीय पार्षद कहता है कि मेरे हाथ में नहीं है, कहा कि सांसद निधि से कुछ हो सकता है। कहीं पर भी सुनवाई नहीं हो रही। कैफे वाला कह रहा स्कीम बंद हो गई। सोच रहा था कि कुछ पैसे मिले तो रोजगार पत्नी के साथ मिलकर रोजगार कर लूंगा।- संजय, सजारी


मेरे वार्ड में सफाई बड़ी समस्या है। कर्मचारी नहीं आते हैं। जिसकी वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। क्षेत्र के पार्षद से मिलते नहीं है। पार्टी कोई मुद्दा नहीं है। पार्षद काम करने वाला होना चाहिए बस।- अरुण कुमार, काजीखेड़ा वार्ड 28

पार्किंग माफिया शहर में सक्रिय हैं। अतिक्रमण की भी बड़ी समस्या है। जिसकी वजह से यातायात एक बड़ी चुनौती हो गया है। हाउस टैक्स देने के बाद भी कूड़ा के लिए अलग यूजर चार्ज लिया जाता है। मेरे वार्ड में 10 स्ट्रीट लाइटें बंद हैं।- नरेश अग्रवाल, कृष्णा नगर वार्ड 24

इतनी महंगाई हो गई है। पति हैं नहीं किराए पर रहकर गुजार कर रहीं हूं। शहर के मेयर को गरीबों के बारे में भी सोचना चाहिए। आवास योजना के तहत आज तक घर नहीं मिला।- तारा देवी, काजी खेड़ा वार्ड 28

देखिए जनसमस्याएं कभी खत्म नहीं होंगी। शासन, प्रशासन की भी जिम्मेदारी है। केवल पार्षद समसयाओं को दूर नहीं करा सकता है। आदमी को बुद्धि विवेक से पार्षदों को चुनाव करना चाहिए। शहर में जो अतिक्रमण है उसे हटाना चाहिए जो लोग वहां जमें हैं उन्हें कहीं शिफ्ट करना चाहिए।- राजेंद्र सिंह राठौर, सफीपुर वार्ड 11

समस्याएं तो बहुत हैं। कभी झाडू नहीं लगती है। मानता हूं रोज नहीं आ सकते लेकिन महींने में एक बार तो आना चाहिए। मेरे वार्ड में आज तक मेयर नहीं आई हैं।- अमरनाथ तिवारी, गांधी ग्राम, वार्ड 26

वार्ड में पार्षद खानापूर्ति करने आते हैं। इस चुनाव में विकास बड़ा मुद्दा है। सबसे बड़ी समस्या सफाई है। पार्षद की लापरवाही की वजह से समस्या दूर नहीं होती है। पार्टी आधार पर वोट नहीं देना चाहिए।- गुरूशरण सिंह, गांधीग्राम, वार्ड 26 

क्षेत्र में गंदगी और बिजली की मुख्य समस्या है। अबकि उसे ही वोट दिया जाएगा, जो काम कराने वाला व्यक्ति हो, जुमलेबाजी करने वाला नहीं।- इमरान, टिकरा 

क्षेत्र में सीवर लाइन और इंटरलॉकिंग की समस्या जस के तस बनी हुई है। जो क्षेत्र का विकास करा करे, इस बार उसे वोट दिया जाएगा। ताकि क्षेत्रीय लोगों को दिक्कत न हो।- इंद्रपाल, शिवकटरा 

गोपाल नगर में नाली तो बनी है, लेकिन उसके पानी का निकास द्वार नहीं है और न ही नाला है कोई। क्षेत्र की इस समस्या को जो हल करे सके उस प्रत्याशी को ही वोट करेंगे।- महेश चंद्र पांडेय, गोपाल नगर 

पार्षद ऐसा हो जो सबकी मदद करे और समस्याओं को हल करा सके। कानपुर की महापौर ऐसी हो जो शहर में लगने वाले जाम से शहरवासियों को मुक्ति दिला सके।- ज्योति अवस्थी, अर्मापुर 

चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में पार्षद नहीं आते है। समस्या को अनसुना कर देते है। अबकि ऐसा प्रत्याशी चुनेंगे तो लोगों की समस्या हल करा सके।- राम कुमार गुप्ता,  सुभाष नगर

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