पीलीभीत: भाजपा विधायक के पिता पूर्व मंत्री धरने पर बैठे, बोले- कोतवाल हटाओ
पांच मांगों को लेकर भरी हुंकार, एसडीएम- सीओ के आश्वासन पर माने
बीसलपुर, अमृत विचार। बीसलपुर के भाजपा विधायक विवेक वर्मा के पिता पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा तय कार्यक्रम के तहत सोमवार को रामलीला मैदान पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। क्रय विक्रय समिति चुनाव में प्रत्याशी के साथ हुई मारपीट के दौरान मूकदर्शक बने रहे कोतवाल बीसलपुर को हटाने समेत पांच मांगों को मजबूती के साथ रखा।
एसडीएम-सीओ ने मौके पर पहुंचकर काफी देर तक बात की और आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। हालांकि पूर्व मंत्री ने पांच मई तक मांगे पूरी न होने पर छह मई से दोबारा धरने पर जाने का ऐलान कर दिया है। क्रय विक्रय समिति चुनाव के दौरान प्रत्याशी कामता प्रसाद से हुई मारपीट के मामले में कोतवाल प्रवीण कुमार के मूकदर्शक बने रहने और हमलावरों का बचाव करने पर पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा खफा हैं।
इसके अलावा भी कई अन्य मांगों को लेकर वह बीते दिनों आंदोलन का ऐलान कर चुके थे। सोमवार पूर्वान्ह 11 बजे समर्थकों के साथ वह रामलीला मैदान पहुंचे और धरने पर बैठ गए। बीसलपुर कोतवाल की बर्खास्तगी या निलंबन की मांग वह पहले ही बता रख चुके थे। इसके अलावा क्षेत्र में घूम रहे छुट्टा पशुओं के समाधान का भी मुद्दा रखा। कहा कि आवारा पशुओं से किसान परेशान है। उनकी फसल को नुकसान होने के साथ ही हमले भी हो रहे हैं।
कहा कि बहुत से ऐसे ग्रामीण हैं जिनके पास सिर छिपाने के लिए कोई भी जगह नहीं है। वह ग्राम समाज की जगह पर पन्नी डालकर गुजर-बसर कर रहे हैं। उनके विरुद्ध धारा 67 के तहत कार्यवाही की गई। जिससे वह परेशान हैं। ऐसे लोगों की पड़ताल कराकर उनके द्वारा किए गए कब्जे का विनिमितीकरण कराया जाए। इसके अलावा सहकारिता चुनाव में कामता प्रसाद के साथ की गई मारपीट के बाद पंजीकृत किए गए मुकदमे में नामजद लोगों की गिरफ्तारी हो। यह भी कहा कि इस मुकदमे से रसूखदारों के नाम हटा दिए गए हैं।
उनके नाम मुकदमे में शामिल किए जाएं और उचित धाराएं बढ़ाई जाएं। एसडीएम आशुतोष गुप्ता, सीओ सतीश चंद्र शुक्ला मौके पर पहुंचे और बातचीत कर पूर्व मंत्री को आश्वस्त किया। एसडीएम ने कहा कि जिन ग्रामीणों के पास घर बनाने को जमीन नहीं है। ग्राम समाज की जमीन पर बसे हुए हैं। उनकी जांच कराई जाएगी। 15 मई के बाद उनके रहने की उचित व्यवस्था भी कराएंगे। इसके अलावा तालाब, खलियान ,खाद के गड्ढों पर किए गए कब्जे हटवाए जाएंगे। कई बिंदुओं पर चली बातचीत के बाद पूर्व मंत्री ने धरना खत्म कर दिया।
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