आतंक से जंग
चीन और पाकिस्तान से रक्षा मोर्चों पर जूझ रहे हमारे देश के लिए आतंकवाद से जंग फिर एक चुनौती बनकर सामने आई है। वह आतंक जिसकी जड़ में किसी न किसी रूप में पाकिस्तान जरूर मौजूद है। देश की सेना और सुरक्षा बलों ने देश को अस्थिर करने की दो कोशिशें शनिवार को नाकाम की …
चीन और पाकिस्तान से रक्षा मोर्चों पर जूझ रहे हमारे देश के लिए आतंकवाद से जंग फिर एक चुनौती बनकर सामने आई है। वह आतंक जिसकी जड़ में किसी न किसी रूप में पाकिस्तान जरूर मौजूद है। देश की सेना और सुरक्षा बलों ने देश को अस्थिर करने की दो कोशिशें शनिवार को नाकाम की हैं।
एक तरफ दिल्ली को दहलाने की साजिश करने वाला आईएस का आतंकी दिल्ली से ही गिरफ्तार किया गया तो दूसरी ओर पंजाब से लगी पाकिस्तान की सीमा पर सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे पांच आतंकवादियों को मार गिराया। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का सामना तो देश दशकों से कर ही रहा है, जहां देश के भीतर जब-तब आतंकी हमलों की कोशिश होती रही है।
मगर वर्तमान परिस्थितियों में देश के भीतर ही मौजूद देशद्रोहियों से निपटना दूसरी बड़ी चुनौती सामने आई है। जम्मू-कश्मीर में युवाओं के पाक समर्थित आतंकी गुटों से जुड़ने की घटनाएं तो लगातार होती रही हैं। अब उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के शख्स का खतरनाक आतंकवादी संगठन आईएस से गठजोड़ एक गंभीर चुनौती की तरफ इशारा कर रहा है। गिरफ्तार युवक के पास से जिस मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए गए हैं वह चिंताजनक है।
गंभीर बात यह है कि यह आतंकी आत्मघाती हमले तक की तैयारी कर चुका था जिसके लिए उसने बकायदा शरीर पर विस्फोटक के साथ बांधी जाने वाली बैल्ट भी तैयार कर ली थी। मानव बम बनकर उसकी कोशिश दिल्ली को दहलाने की थी और अगर वह अपने मकसद में कामयाब हो जाता तो यह खतरनाक होता। देश के लिए यह चिंतनीय विषय है। ऐसे एक गद्दार को अगर गिरफ्तार किया गया तो इस बात की क्या गारंटी है कि देश के भीतर ही ऐसे और भी गद्दार मौजूद नहीं हैं।
इन परिस्थितियों में खुफिया तंत्र का काम और बढ़ जाता है। चिंतनीय बात यह है कि दिल्ली से गिरफ्तार आतंकी दुबई भी हो आया था, मगर इसके बाद भी स्थानीय स्तर पर उसके इतने बड़े मनसूबे पालने की सुरक्षा तंत्र को भनक तक नहीं लगी। दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि गिरफ्तार शख्स उप्र के बलरामपुर का रहने वाला है। लिहाजा देश के भीतर मौजूद ऐसे देशद्रोहियों की पहचान और उन पर कार्रवाई के लिए बड़े स्तर पर कदम उठाए जाने की जरूरत है। केंद्र सरकार को राज्यों के साथ मिलकर इसे एक मिशन की तरह लेकर मामलों का पर्दाफाश करना होगा ताकि इनके नापाक मनसूबे ध्वस्त किए जा सकें।
