वोट विचार विद अमृत विचार: मतदाता बोले- विकास में भेदभाव करने वालों को इस बार सिखाएंगे सबक, अबकी लोकल समस्या हावी
कानपुर में वोट विचार विद अमृत विचार कार्यक्रम में मतदाता बोले।
कानपुर में वोट विचार विद अमृत विचार कार्यक्रम में मतदाता बोले। तीसरे दिन के कार्यक्रम में मॉडल टॉउन और काली मठिया चौराहे पर मजमा लगा। पब्लिक ने कहा अबकी लोकल समस्या हावी।
कानपुर, अमृत विचार। डॉक्टर साहब बोले शहर में लेबर कॉलोनी में विकास एक बड़ी समस्या है। मालिकाना हक की लड़ाई निवासी लड़ रहे हैं। कोई सुनवाई नहीं है। तभी रेहड़ी लगाए युवक ने ताव में आकर कहा क्षेत्र में बहुत भेदभाव है। कहीं पार्षद जी ने कार्य कराया है तो कहीं छोड़ दिया है। वहीं, बाबू जी ने आरोप लगाया कि पार्षद के पास काम लेकर जाओ तो रंगबाजी दिखाता है। कुछ ऐसा ही गुस्सा लिए लोगों ने ‘वोट विचार विद अमृत विचार’ कार्यक्रम में जमकर अपनी समस्याएं गिनाईं। पहले मॉडल टाउन और फिर शास्त्री नगर काली मठिया चौराहे पर जमी भीड़ ने विकास के नाम पर ‘ईवीएम’ का बटन दबाने की हुंकार भरी।
सड़क तक सजती दुकान, नहीं हो रहा निदान
शास्त्री नगर निवासी रजत पाल ने कहा कि काली मठिया चौराहे से सेंटर पार्क तक जाम की बड़ी समस्या रहती है। यहां सड़क तक दुकानें सजाई जाती हैं। इसके बाद सड़क के ऊपर ठेके लगते हैं वह अलग, यह समस्या जमानें से है। घर के बाहर वाहन खड़ा नहीं कर सकते हैं। इसकी वजह से कई बार सेंटर पार्क के आस-पास व उसके अंदर गाड़ियों को खड़ा करना मजबूरी है। बाजार के बीच में ही चौकी है। कई बार पुलिस चालान के नाम पर खानापूर्ति करती है।
काली मठिया में दर्शन कर लौट जाते नेता
फूल की दुकान किए मंजू ने कहा कि काली मठिया मंदिर में मां के दर्शन करने चुनाव से पहले कई नेता आते हैं। मां से जीतने के आशीर्वाद लेते हैं, और यदि जीत जाते हैं तो फिर लौटते नहीं हैं। अजय वर्मा ने बताया कि सर्विस लेन में कूड़े का अंबार लगा रहता है। पार्षद ने कई जगह की सर्विस लेन बनवाई लेकिन उनके घरों के पीछे बनी सर्विस लेन का निर्माण नहीं कराया गया। पार्षद भेदभाव भी करते हैं। मेयर तो कभी नहीं आईं।
जलभराव से लोग परेशान
सर्वोदय नगर मार्डन टॉउन में रहने वाले अजीत बग्गा ने बताया कि पॉश इलाका होने के बाद भी यहां सीवर भरने की बड़ी समस्या है। जरा सी बरसात हो जाए तो गलियों में पानी भर जाता है। वहीं, राकेश सिंह ने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त होनी चाहिए। नगर निगम की ओर से कूड़ा उठाने वाले तो आते हैं, लेकिन उसका निस्तारण न होने से समस्या बढ़ती है। शहर में निकल तो पता चलता है कि सड़कों के किनारे ही यह कूड़ा पड़ा रहता है। जिससे राहगीरों को बदबू और गंदगी से जूझना पड़ता है।
चुनाव में दल नहीं रखता मायने
समस्या तो बनी ही रहती है। यह कभी खत्म नहीं होगी। अब विकास के नाम पर नहीं पार्टी के नाम पर वोट लोग दे रहे हैं। जो गलत है। विकास बहुत जरूरी है। क्योकि यह क्षेत्र के चुनाव हैं जिसमें दल मायने नहीं रखता है।- श्रीकृष्ण तिवारी, शास्त्री नगर
दुख तकलीफ सुनने वाला होना चाहिए पार्षद
मेरी गली की नाली नहीं बनी है। जिससे जलभराव होता है। पार्षद को लोगों की दुख तकलीफ सुनने वाला होना चाहिए। काम कराने वाला होना चाहिए।- सुशील कुमार, शास्त्री नगर
सफाई न होने से नालियां बजबजा रहीं
सफाई नहीं होती है। नालियां भरी रहती हैं। पार्षद वोट मांगने आते हैं उसके बाद दिखाई नहीं देते हैं। मेयर तो जीतने के बाद आज तक नहीं आईं हैं। मूलभूत समस्याओं से लोग जूझ रहे हैं।- अशोक, वार्ड 91
लेबर कॉलोनी का मुद्दा हल नहीं हुआ
कानपुर में सबसे बड़ी समस्या पेयजल और सीवर की है। लेबर कॉलोनी को मुद्दा आज तक नहीं हल हुआ। ऊपर से टैक्स और मांगा जाता है। यह बिलकुल गलत है।- डॉ. ब्रजेश गुप्ता, शास्त्री नगर
पुराने रेट पर केडीए करे रजिस्ट्री
कानपुर के पुराने गांव जैसे मतैया पुरवा व आस-पास की बस्तियों की रजिस्ट्री की समस्या है। पुराने रेट पर केडीए रजिस्ट्री नहीं कर रहा है। मेयर और क्षेत्रीय पार्षद से कहो फिर भी सुनवाई नहीं हो रही है।- दिनेश कुमार सोनकर, मतैया पुरवा
कई बार सोचती हूं वोट ही न दूं
मेरे क्षेत्र में नालियां बजबजा रही हैं। कोई सुनवाई नहीं होती है। कई बार लगता है वोट ही न दूं किसी को लेकिन फिर सोचती हूं यह तो मेरा अधिकारी है। ऐसा नेता होना चाहिए जो जनता की सुने।- पुष्पा, रावतपुर गांव
कॉन्ट्रैक्ट नौकरी मजबूरी में कर रहे हैं
सड़क पर गंदगी पड़ी रहती है। पार्टियां लोगों को बहकाती है। लेकिन काम नहीं करती हैं। रोजगार के लिए कुछ नहीं किया जाता है। मजबूरी में कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी करनी पड़ रही है।- गुड़िया रावत, रावतपुर गांव
मेरे घर के पीछे की सर्विस लेन छोड़ दी
क्षेत्र में सबकी सर्विस लेन बन गई है। लेकिन मेरे क्षेत्र की पार्षद ने छोड़ दी। मैंने कहा तो कोई सुनवाई नहीं हो रही है। भेदभाव किया जाता है। क्षेत्र में यूरिनल भी नहीं बने हैं।- विशाल सिंह, शास्त्री नगर
लेबर को उचित मजदूरी मिलनी चाहिए
बरसात आती है तो क्षेत्र में भीषण जलभराव होता है। महंगाई बहुत है। लेबर को उचित दाम मिलना चाहिए। गरीब और गरीब हो रहा है और पूंजीपति और अमीर हो रहा है।- धर्मेंद्र कुमार
वोट मांगने आएंगे तो वादे लिखवा लेंगे
विकास के नाम पर इस बार वोट देंगे। बहकावे में नहीं आने वाले, क्योकि लोग वादे तो बहुत कर जाते हैं फिर लौटकर नहीं देखते हैं। अबकी कोई वोट मांगने आया तो उससे लिखवा लेंगे।- रमेश कुमार शर्मा, नौबस्ता
वोट विचार विद अमृत विचार
क्षेत्र में सफाई व्यवस्था चौपट है। आवारा जानवारों का आतंक है, जो प्रत्याशी क्षेत्र की समस्यों को हल करा कराने का बीड़ा उठाएगा, वोट उसी को किया जाएगा।-भूपेंद्र सिंह भदौरिया, शास्त्री नगर
सीवर लाइन, पानी की समस्या हल करने के साथ ही जो प्रत्याशी जनता की बात सुनकर परेशानी दूर करेगा, मेरे साथ पूरे परिवार का उस प्रत्याशी को ही वोट देगा।- रश्मि त्रिवेदी, शास्त्री नगर
पार्षद प्रत्याशी हो या महापौर प्रत्याशी चुनाव के समय तो बड़े-बड़े वादे करते है, लेकिन जब यह जीत जाते है तो जनता को भूलकर अपना ध्यान देने लगते है।- एमपी पाल, शास्त्री नगर
क्षेत्र में विकास कराने वाले प्रत्याशी को ही वोट दिया जाएगा। प्रत्याशी ऐसा होना चाहिए, जो जनता के एक बार बुलाने पर आए और समस्या हल कराए।- विष्णु सोनकर, मताइयापुरवा
कानपुर स्मार्ट सिटी में शामिल है, लेकिन हकीकत में रावतपुर वार्ड में सड़क, पानी, सीवर आदि की समस्या है। जो समस्या हल करा पाए, वोट उसी के पक्ष में होगा।- राजकुमारी, रावतपुर
विकास कराने के दावे तो सभी प्रत्याशी करते है, लेकिन उन दावों को पूरा कुछ ही प्रत्याशी जीतने के बाद कर पाते है। सच में विकास कराने वाले को वोट दिया जाएगा।- नीलम, रावतपुर
पार्षद और महापौर प्रत्याशी सरल स्वभाव के होने चाहिए। जनता से उनका जुड़ाव होना जरूरी है। ताकि चुनाव के समय उनको वोट पाने की ज्यादा जद्दोजहद न करनी पड़े।- अमर सिंह चौहान, शास्त्री नगर
प्रत्याशी को क्षेत्र में विकास कराना चाहिए। जातिगत राजनीति से ऊपर से सबकों को साथ में लेकर चलना चाहिए। विकास को ध्यान में रखने वाले को ही वोट जाएगा।- पप्पू तिवारी, सरोजनी नगर
