गदरपुर: रिश्वत के मामले में तहसीलदार को अब भी शिकायत का इंतजार
गदरपुर, अमृत विचार। दाखिल खारिज के एवज में 15000 रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में आरोपी पेशकार पर कार्रवाई के बजाय तहसील प्रशासन पर मामले की लीपापोती का आरोप है। हैरानी की बात तो यह है कि घटना को करीब 10 दिन बीत चुके हैं, बावजूद इसके तहसील प्रशासन ने जांच भी पूरी करना मुनासिब नहीं समझा।
गौरतलब है कि 25 अप्रैल को अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के सदस्य सरदार राजेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों एवं ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर आरोपी पेशकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
कांग्रेस नेता ने एसडीएम अनामिका को बताया था कि तहसीलदार के पेशकार ने दाखिल खारिज की फाइल को पास करने के नाम पर 15000 रुपये की मांग की थी। राजेंद्र पाल सिंह का कहना था कि तहसील में भ्रष्टाचार पूरी तरह से जड़े फैला चुका है। खुलेआम रिश्वत मांगी जा रही। जिसे कांग्रेस पार्टी कदापि बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
निष्पक्षता जांच होने पर पेशकार की आड़ में कुछ अन्य अधिकारियों के नाम भी बेनकाब हो सकते हैं। वहीं पीड़ित सूरजभान पुत्र आनंद निवासी ग्राम नंदपुर ने अधिकारी और मीडिया कर्मियों के सामने ही चीख चीख कर बयान दिया था कि पेशकार ने उनसे सुविधा शुल्क की मांग की थी, परंतु पेशकार पर लगे संगीन आरोपों के बावजूद भी तहसीलदार पूजा शर्मा को शिकायत मिलने का इंतजार है।
पेशकार मामले की जांच गतिमान है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-सुश्री अनामिका, उप जिलाधिकारी, गदरपुर
