Meerut: मुठभेड़ में STF ने कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना को किया ढेर, लंबे समय से थी तलाश
मेरठ, अमृत विचार। एसटीएफ ने बृहस्पतिवार को मेरठ में गैंगस्टर अनिल दुजाना (36) को एनकाउंटर में मार गिराया। गैंगस्टर अनिल दुजाना गौतमबुद्घनगर के बादलपुर थाना क्षेत्र के दुजाना गांव का रहने वाला था। अनिल दुजाना कुछ दिन पहले ही जमानत पर बाहर आया था। बृहस्पतिवार को जानी थाना क्षेत्र में अनिल दुजाना अपने साथियों से मिलने स्कार्पियों गाड़ी में आया था। जैसे ही एसटीएफ को उसकी लोकेशन जानी थाना क्षेत्र में मिली तो उन्होंने उसकी घेराबंदी की।


भोला झाल के पास खुद को घिरता देख अनिल दुजाना ने एसटीएफ पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में अनिल दुजाना एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस अनिल को लेकर सीएचसी जानी पहुंची। जहां, चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसटीएफ ने उसकी गाड़ी से असलाह बरामद किया है। जानकारी के अनुसार अनिल दुजाना का आतंक पश्चिमी यूपी के अलावा दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में भी था।
उस पर हत्या, रंगदारी, फिरौती समेत 65 मुकदमें दर्ज थे। अनिल दुजाना पर बुलंदशहर पुलिस ने 25 व नोएडा पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। अनिल दुजाना पर साल 2002 में पहला मामला गौतमबुद्घनगर के दादरी थाने में दर्ज किया गया था। अनिल दुजाना ने मोदीनगर थाना क्षेत्र के गांव सीकरी निवासी हरबीर पहलवान व गांव रोजा जलालपुर थाना बिसरख निवासी राजू की की हत्या की थी।
23 साल पहले सुंदर भाटी के लिए करता था सरिये का अवैध काम, बाद में हुए जानी दुश्मन
दुजाना गांव निवासी अनिल दुजाना ने वर्ष 2000 में अपराध की दुनिया में कदम रखा। हालांकि, उस दौरान वह विख्यात नहीं था और उसे कोई जानता भी नहीं था। अनिल दुजाना ने शुरुआती दौर में सुंदर भाटी के लिए अवैध सरिये का कारोबार शुरू किया और उससे की गई कमाई का कुछ हिस्सा अनिल सुंदर भाटी को दिया करता था। परंतु, कुछ समय बाद दोनों में सरिये के कारोबार को लेकर अनबन हो गई और अनिल, सुंदर भाटी से अलग हो गया।
अनिल दुजाना का झुकाव रणदीप भाटी गैंग की तरफ हो गया। अनिल ने नरेश भाटी गैंग के साथ मिलकर धीरे-धीरे लूटपाट, रंगदारी लेनी शुरू की और अपना नाम अपराध जगत में करता रहा। सुंदर भाटी ने इस दौरान नरेश भाटी की हत्या कर दी। बदला लेने की नीयत से नरेश भाटी के भाई रणपाल ने सुंदर भाटी के भतीजे लाला फौजी की हत्या कर दी। रणपाल को सिकंद्राबाद पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया।
यहीं, से अनिल दुजाना का पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर बनने की कहानी शुरू हो जाती है। रणपाल के एनकाउंटर के बाद गैंग की कमान नरेश भाटी के भाई रणदीप भाटी, अमित कसाना, अनिल दुजाना ने संभाल ली। यहीं, से सुंदर भाटी और अनिल दुजाना के बीच जानी दुश्मनी शुरू हो जाती है। दोनों में सन 2006 से गैंगवार चली आ रही है और अब तक दोनों ओर से कई हत्याएं हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के आदेश के बाद प्रदेश के माफियाओं की सूची जारी की गई थी। जिसमें, अनिल दुजाना भी सूची में शामिल था।
बड़ा गैंगस्टर होने पर बनाया दामाद
पुलिस जांच में सामने आया है कि गैंगस्टर अनिल दुजाना की फरवरी 2019 में सूरजपुर कोर्ट में बागपत की पूजा से सगाई हुई थी। फरवरी 2021 को जमानत पर बाहर आने के बाद अनिल ने पूजा से शादी कर ली। इस शादी के पीछे जमीन का एक विवाद था। दरअसल, अनिल दुजाना की पत्नी पूजा के पिता लीलू का बागपत में राजकुमार से 40 बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
राजकुमार ने अपनी दो बेटियों की शादी गाजियाबाद के कुख्यात बदमाश हरेंद्र खड़खड़ी और उसके भाई से कर दी थी। इस पर लीलू ने भी ठान लिया कि वह अपनी बेटी की शादी उससे करेगा जो राजकुमार के दामादों से भी बड़ा गैंगस्टर होगा। अनिल दुजाना का उन दिनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंक था। जिस, पर लीलू ने अपनी बेटी की अनलि दुजाना से शादी कर दी। पुलिस के अनुसार दुजाना गांव अनिल दुजाना से पहले कुख्यात सुंदर नागर उर्फ सुंदर डाकू के नाम से जाना जाता था। बताया कि 70-80 के दशक में सुंदर का दिल्ली- एनसीआर में खौफ था। उसने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तक को जान से मारने की धमकी दे दी थी।
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