Bareilly: चुनाव में कव्वाली का तड़का, फिल्मी ट्रैक पर रिकार्डिंग की बहार
प्रत्याशी खूब करा रहे हैं फिल्मी ट्रैक पर कव्वालियों की रिकॉर्डिंग
मोनिस खान, बरेली। इन दिनों अल्ताफ राजा की किसी कव्वाली की धुन पर दूसरे बोल सुनाई दें तो चौंकिएगा मत। हो सकता है कि नेता जी का रिक्शा आपके द्वार चुनाव प्रचार को आया हो। दरअसल, इन दिनों निकाय चुनाव के शोर में तमाम प्रत्याशी संगीत के जरिये वोटरों को भी जोड़ने की जुगत में लगे हैं। ऐसे में आवाज और संगीत की दुनिया से संबंध रखने वाले कलाकारों का रोजगार चल पड़ा है। साउंड रिकॉर्डिंग के बाजार में फिल्मी ट्रैक पर चुनावी कव्वालियां रिकॉर्ड करने की बहार है। सपा, बसपा, कांग्रेस, भाजपा के अलावा तमाम पार्टियों के व निर्दलीय प्रत्याशी वोटरों तक पहुंचने के इस माध्यम से चूकना नहीं चाहते हैं।
आरिफ नसीम शहर के अच्छे कव्वालों में गिने जाते हैं, लेकिन इन दिनों प्रत्याशियों के लिए कव्वालियां रिकॉर्ड करने में जुटे हैं। केवल बरेली ही नहीं आसपास के जिलों से कव्वालियां रिकॉर्ड करने की डिमांड आ रही है। वह यहां सपा, बसपा, कांग्रेस, एआईएमआईएम जैसी पार्टियों के सभासद, चेयरमैन और मेयर पद के प्रत्याशियों के लिए बीते कुछ दिनों में काफी संख्या में कव्वालियां रिकॉर्ड कर चुके हैं।
उनके मुताबिक प्रत्याशी बहुत ज्यादा पैसा नहीं दे पाते हैं, ऐसे में वह केवल बोल लिखने के बाद अपनी आवाज देते हैं। मशहूर कव्वालियों के संगीत पर रिकॉर्डिंग कर प्रत्याशी को ऑडियो ट्रैक बनाकर दे दिया जाता है। आरिफ नसीम की आवाज में यू-ट्यूब पर मौजूद कव्वालियों के व्यूज लाखों में हैं। इन दिनों उन्हें चुनाव के काम से फुर्सत नहीं मिल रही।
40 साल से शहर में गूंज रही टीएच प्रेमी की आवाज
शहर के वॉइस आर्टिस्ट टीएच प्रेमी बताते हैं कि करीब 40 साल से आवाज की दुनिया से जुड़े तो क्या धार्मिक आयोजन और क्या उत्पादों का विज्ञापन हर जगह उनकी आवाज आज तक गूंजती है। जब काम शुरू किया तो यह वो दौर था जब रिक्शा पर बैठकर एनाउंसमेंट करना होता था। बैकग्राउंड में गाना बजता था।
साथ में रिकॉर्डिंग भी होती थी। वक्त बदला तो ऑडियो कैसेट का दौर आया, जिसकी जगह अब पैन ड्राइव ने ले ली। वह बताते हैं चुनाव में उनका काम चार गुना बढ़ गया है। हर दिन कम से कम 10 ऑडियो ट्रैक अलग-अलग पार्टियों के प्रत्याशियों के लिए रिकॉर्ड कर रहे हैं। काम अधिक होने के कारण कुछ लोगों को मना भी करना पड़ा।
बड़े शहरों तक है जयसेन के काम की मांग
साउंड इंजीनियर जयसेन मंडल शहर के उन चुनिंदा युवाओं में से हैं, जिन्होंने शहर को आधुनिक और प्रोफेशनल साउंड रिकॉर्डिंग से रूबरू कराया। कर्मचारी नगर निवासी जयसेन ने घर में ही चार साल पहले साउंड प्रूफ रिकॉर्डिंग स्टूडियो की शुरुआत की थी।
जहां वह न सिर्फ ओरिजनल म्यूजिक ट्रैक तैयार करते हैं, बल्कि गानों की रिकॉर्डिंग, फिल्मों की डबिंग, ऑडियो मिक्सिंग जैसे काम करते हैं। उनके काम की धमक बड़े शहरों तक है। फिलहाल चुनाव के काम में व्यस्त हैं। तमाम पार्टियों के प्रत्याशी उनसे प्रचार के लिए ऑडियो ट्रैक तैयार करा रहे हैं। वह सात से आठ हजार रुपये एक ट्रैक को तैयार करने के लेते हैं।
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