लखनऊ: दलित की जमीन पर भूमाफिया कर रहे कब्जा

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लखनऊ। इंदिरा नगर थाना क्षेत्र में एक गरीब परिवार की जमीन पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा करने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि गर्भवती महिला की जमीन पर कथित किसान यूनियन के नेता कब्जा कर रहे हैं। विरोध करने पर दबंगों ने पीड़ित परिवार के साथ अभद्रता गालीगलौज और जान …

लखनऊ। इंदिरा नगर थाना क्षेत्र में एक गरीब परिवार की जमीन पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा करने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि गर्भवती महिला की जमीन पर कथित किसान यूनियन के नेता कब्जा कर रहे हैं। विरोध करने पर दबंगों ने पीड़ित परिवार के साथ अभद्रता गालीगलौज और जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित गर्भवती महिला की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा तो पंजीकृत कर लिया लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुंडली मारकर बैठी हुई है। दहशत में डूबे परिवार ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए दबंगों पर कार्रवाई की मांग की है।

इंदिरानगर थाना पर दर्ज एफआईआर के अनुसार, पीड़िता गर्भवती है। उसने कहा है कि उसके पति संदि पुत्र पुत्तीलाल ग्राम खरगापुर फरीदीपुर के रहने वाले हैं। सभी अनुसूचित जाति के हैं। उसके ससुर कैंसर रोग से ग्रसित हैं। पीड़िता का कहना है कि वह अत्यंत गरीब गरीबी में जीवन यापन कर रही है।

उसकी भूमिका गाटा संख्या – 7 ग्राम खरगापुर फरीदी नगर लखनऊ में है। जो कि पूर्व में सीलिंग में राज्य सरकार में निरस्त हो गई थी। जो अब उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ द्वारा रिट याचिका संख्या 1103 एम/बी सन 2011 पुत्तीलाल बनाम उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य में पारित आदेश के अनुपालन में राज्य सरकार से निरस्त होकर उनके ससुर पुत्ती लाल के नाम दर्ज हो गई है।

इस भूमि पर खेती कर पेट पालने एवं दवा कराने के उद्देश्य से उनके पति काम कर रहे थे। तभी खुद को किसान नेता बताने वाले शकील अहमद, वकार अहमद एवं शाकिर अली आए और उनके पति और ससुर को जातिसूचक गाली गलौज करने लगे और निपटा देने की धमकी देने लगे। विपक्षी जमीन को औने-पौने दाम पर बेचने के लिए जबरन मजबूर कर रहे हैं। जमीन को हड़पने के लिए आपराधिक षड्यंत्र भी कर रहे हैं। पूरा परिवार दबंगों के खौफ से प्रताड़ित है। इस संबंध में पीड़िता के पति ने कई जगहों पर प्रार्थना पत्र दिया कि उसके कब्जे दारी में दखल न दिया जाए। लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

इस संबंध में पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने शकील अहमद, शाकिर अली उर्फ मुन्ना और वकार अहमद व अन्य साथी नाम पता अज्ञात के खिलाफ धारा 447, 504, 506 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संस्था निवारण अधिनियम 3(1) (ध) में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पीड़िता का कहना है कि 12 अगस्त को एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की है। उसका परिवार दहशत में है। पीड़िता ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।

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