बरेली: मां बच्चों के लिए हिटलर नहीं, रोल मॉडल बने- डाॅ. उजमा कमर
फोटो- डॉ. उजमा कमर
बरेली, अमृत विचार। मां बच्चे की प्रथम पाठशाला होती है। इसी पाठशाला से बच्चे स्कूली शिक्षा और समाज में बेहतर प्रदर्शन करने लायक बनते हैं, बशर्ते इस पाठशाला में बच्चों को सही शिक्षा मिली हो। इसलिए एक मां को बच्चों के लिए हिटलर नहीं बल्कि रोल मॉडल बनना चाहिए।
यह बात ह्यूमन चेन संस्था की प्रदेश सचिव डाॅ. उजमा कमर ने रविवार को अनाथालय में बच्चों के साथ मातृ दिवस मनाते हुए कही। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण लोगों में से होते हैं, जो उनकी देखभाल करते हैं। बच्चों के साथ रिश्ता पालन-पोषण का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है।
यह हमारे संबंध का मूल्य है, जो यह निर्धारित करता है कि वे हमें कितनी अच्छी तरह सुनते हैं, हमारी सीमाओं और मूल्यों को स्वीकार और सहयोग करते हैं। यदि हमारे बीच विश्वास, सहानुभूति, सम्मान और करुणा पर आधारित एक स्वस्थ संबंध है तो हमने एक अच्छा मानक स्थापित किया है।
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