बरेली: बेरोजगारी... 2.07 लाख पंजीयन और नौकरी सिर्फ 6800 युवाओं को मिली
सेवायोजन कार्यालय के आंकड़े बता रहे कि हर साल बेरोजगारों की बढ़ रही है संख्या
बरेली, अमृत विचार। नगर निकाय का चुनाव हो या फिर विधानसभा-लोकसभा का, भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा सभी दल कल्याणकारी योजनाओं से लेकर नि:शुल्क राशन, टेबलेट से लेकर तमाम वादे करते हैं, लेकिन युवाओं के लिए किसी ने नहीं सोचा। शहरों में रोजगार के साधन उपलब्ध कराने के मुद्दे हर चुनाव में नदारद रहते हैं।
इस निकाय चुनाव में रोजगार उपलब्ध कराने के मुद्दे जनसभाओं में उछले भी नहीं। बरेली मंडल में बढ़ती बेरोजगारी को दूर करने को लेकर किसी दल का कोई ध्यान नहीं है। सेवायोजन कार्यालय के आंकड़ों पर गौर करें तो हर साल उन युवाओं की संख्या बढ़ रही है, जो नौकरी की तलाश में सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराने पहुंचते हैं।
आंकड़ों के अनुसार बरेली मंडल में 207719 युवा ऐसे हैं, जिनके पास आय का कोई साधन नहीं है। उन्हें नौकरी की तलाश है। सभी का पंजीकरण सेवायोजन कार्यालय में है। बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत जनपद के युवा शामिल हैं।
सेवायोजन कार्यालय में युवाओं के पंजीकृत आंकड़े
जिला पुरुष महिला कुल योग
बरेली 56373 26026 82399
बदायूं 32777 9433 42210
शाहजहांपुर 30544 9454 39998
पीलीभीत 32874 10238 43112
कुल योग 152151 55151 207719
इस वर्ष मार्च तक के आंकड़े
इस वर्ष मार्च तक मंडल के 2827 युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया था। इसमें बरेली जिले में 1027 पुरुष और 134 महिला, बदायूं में 600 पुरुष और 41 महिला, शाहजहांपुर में 505 पुरुष और 31 महिला, पीलीभीत में 437 पुरुष और 52 महिला ने अपना पंजीकरण सेवायोजन कार्यालय में कराया है।
एक साल में 28 रोजगार मेले लगे और 18576 युवाओं ने किया था प्रतिभाग
सहायक निदेशक सेवायोजन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल 2022 से लेकर 31 मार्च 2023 तक 28 रोजगार मेले आयोजित किए गए। इनमें 303 नियोजक पहुंचे, जबकि 18576 युवाओं ने प्रतिभाग किया था। इनमें से 6801 युवाओं का विभिन्न सेक्टर में चयन हुआ। चयनित होने वालों में 6098 पुरुष तो 703 महिला शामिल हैं। चयनित में 2438 अन्य पिछड़ी जाति, 1060 अनुसूचित जाति और 446 अल्पसंख्यक वर्ग के युवा भी शामिल हैं। इसके साथ 1579 युवाओं का चयन तकनीकी विंग में हुआ है।
निवेश प्रस्तावों से उम्मीद, मेगा फूड पार्क में छह साल में भी रोजगार नहीं खुले
फरवरी में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में बरेली जनपद के लिए 40 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इन प्रस्तावों के भरोसे भाजपा यह दावा कर रही है कि रोजगार बढ़ेगा लेकिन रोजगार के साधन कब तक खुलेंगे यह रहस्य बना है। बहेड़ी के मेगा फूड पार्क की ही बात करें तो छह साल से फूड पार्क उद्योगों की बाट जोह रहा है। अभी तक इसमें एक फैक्ट्री तक नहीं लगी है।
आईटी पार्क भी भूल गए नेता, रोजगार के रास्ते कहां से खुलेंगे
सीबीगंज की बंद पड़ी आईटीआर फैक्ट्री के बंगला नंबर 10 की 8000 वर्ग मीटर भूमि पर आईटी पार्क प्रस्तावित है। 10.10 करोड़ रुपये भूमि क्रय करने के बाद भूमि की चहारदीवारी भी करा दी है लेकिन आईटी पार्क के निर्माण को लेकर कोई सुगबुगाहट नहीं है। जबकि इसको मंजूरी मिलने के बाद बरेली से लेकर लखनऊ तक के वरिष्ठ नेता यही दावा करते नजर आए कि अब रोजगार के रास्ते खुलेंगे। जब निर्माण नहीं होगा तो रोजगार के रास्ते कहां से खुलेंगे। नगरीय निकाय चुनाव में भी भाजपा हो या सपा किसी दल ने आईटी पार्क का जिक्र तक नहीं किया गया।
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