हल्द्वानी: मनरेगा की मजदूरी देने में उत्तराखंड फिसड्डी, देश में 28 वें स्थान पर

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हल्द्वानी, अमृत विचार। मनरेगा श्रमिकों को मजदूरी देने में उत्तराखंड का देश भर में 28 वां स्थान है। इन श्रमिकों को मजदूरी देने में हरियाणा अव्वल, सिक्किम दूसरे व केरल तीसरे स्थान पर है।  

केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार अधिनियम (मनरेगा) योजना में मजदूरों को दैनिक मजदूरी बढ़ाने के लिए इसी वर्ष मार्च में आदेश दिए थे। इस आदेश में 7 से 26 रुपये बढ़ाने के आदेश दिए थे।

इस आदेश के बाद भी उत्तराखंड मनरेगा मजदूरी देने में जम्मू कश्मीर व लद्दाख से भी पीछे है। यहां मजदूर को 230 रुपये प्रतिदिन मजदूरी के दिए जाते हैं जबकि हरियाणा में सबसे ज्यादा 357, सिक्किम में 354 और केरल में 333 रुपये दैनिक मजदूरी के दिए जाते हैं। मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी की राशि सीधे उनके खाते में हस्तांतरित होती है। 

यह है मनरेगा योजना 
कांग्रेस की तत्कालीन केंद्र सरकार ने 7 सितंबर 2005 को यह योजना लागू की थी। इसमें अकुशल श्रमिकों को गांवों में ही 100 दिन का रोजगार देने की गांरटी दी जाती है। इसका मकसद गांवों में ही लोगों को रोजगार मुहैया कराना है ताकि गांवों को उजड़ने से बचाया जा सके।

पलायन रोकने के लिए है जरूरी है मनरेगा
उत्तराखंड के लिए मनरेगा योजना बहुत जरूरी है। विषम भौगोलिक स्थितियों वाले हिमालयी राज्य में ग्रामीणों को मनरेगा से सड़क, पुलिया, पुल, सिंचाई आदि के काम मिल जाते  हैं। यहां औद्योगिक विकास नहीं होने से लोगों की आर्थिकी का एक मात्र आधार है। गांव में ही 100 दिन का रोजगार मिलने पर पलायन रोकने में मदद मिलती है।


कांग्रेस की केंद्र सरकार ने यह योजना 18 वर्ष पूर्व शुरू की थी। तब 221 रुपये न्यूनतम मजदूरी तय हुई थी। तब से अब तक महंगाई चार से पांच गुना बढ़ चुकी है और मजदूरी में सिर्फ 9 रुपये बढ़ाकर 230 रुपये की गई है।  ऐसे में सरकार की पलायन रोकने की मंशा पर तो सवाल खड़े होते ही हैं, यह भी सोचनीय विषय है कि इस न्यूनतम रकम में जीवन यापन करना उनके लिए चुनौती से कम नहीं है
यशपाल आर्य, नेता प्रतिपक्ष उत्तराखंड

राज्य व केंद्र शासित राज्यों में मनरेगा श्रमिकों को दी जाने वाली मजदूरी की सूची 

1.हरियाणा  357
2.सिक्किम   354
3.केरल     333
4.निकोबार 328
5.गोवा  322
6.कर्नाटक 316
7.लक्ष्यद्वीप 304
8.पंजाब 303
9.दमन दीव 297
10.पांडुचेरी 294
11.तमिलनाड्डु 294
12.हिमाचल 280
13.महाराष्ट्र 273
14.तेलांगना 272 
15.आंध्र प्रदेश 272
16.मणिपुर 260
17.दादर नगर हवेली 258
18.गुजरात 256
19.राजस्थान 255 
20.मिजोरम 249
21.जम्मू कश्मीर 244
22.लद्दाख 244
23.मेघालय 238
24.असम 238
25.पश्चिम बंगाल 237
26.ओडिशा 237
27.उत्तर प्रदेश 230
28.उत्तराखंड 230
29.बिहार 228
30.झारखंड 228
31.त्रिपुरा 226
32.नागालैंड 224
33.अरुणाचल 224
34.नागालैंड 224
35.छतीसगढ़ 221
36.मध्य प्रदेश 221

 

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