CM Yogi Adityanath के आदेश का Etawah में नहीं दिख रहा पालन, वाहन स्टेंडों पर तो लगी रोक, डग्गामारी बेरोकटोक

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

इटावा में डीएम एसएसपी के आवास के सामने से डग्गामार वाहन गुजरते हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेशों का इटावा में पालन नहीं दिख रहा है। जिले में डीएम एसएसपी के आवास के सामने से डग्गामार वाहन गुजरते हैं।

इटावा, अमृत विचार। अवैध वाहन स्टेंडों के संचालन को सख्ती से रोकने के आदेश के बाद वाहन स्टेंडों पर तो सख्ती हुई है परंतु डग्गामार वाहनों के संचालन पर इसका कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। जिले की सभी प्रमुख सड़कों पर डग्गामार वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही जारी है। आए दिन इस कारण से हो रहे सड़क हादसों से पुलिस प्रशासन कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। भीषण गर्मी के साथ ओवरलोडिंग और डग्गामारी हादसों का कारण बन रही है।

शहर व पूरे जिले में अलग-अलग हिस्से में  हो रही डग्गामारी को अनदेखा भी किया जा रहा है। छोटे ऑटो से लेकर बड़ी सवारी गाड़ियों तक में डग्गामार की जा रही है और तो और ई रिक्शा जैसी शहरी सुविधा को भी डग्गामारी में प्रयोग किया जा रहा है । इनके जरिए न सिर्फ माल ढुलाई हो रही है बल्कि अधिक से अधिक सवारी बैठाने के चक्कर में हादसों की संख्या भी लगातार बढ़ रही।  

शहर के प्रमुख चौराहों पर ही ऑटो में बड़ी संख्या में सवारियां बैठाकर सफर करने का सिलसिला अभी भी जारी है। पिछले दिनों  कानपुर देहात में हुए हादसे में शहर के ही बंगाली कॉलोनी के पांच लोगों की मौत के बाद इस प्रकार के हादसों से सबक लेने को कोई तैयार नहीं दिख रहा ।

डीएम व एसएसपी आवास और थाने के सामने से गुजरते डग्गामार

शहर के अंदर ही स्टेशन बजरिया, चौधरी पेट्रोल पंप, माल गोदाम रोड, बस स्टैंड तिराहा आदि से लंबे रूट के लिए ऑटो का संचालन होता है। इनमें माल गोदाम रोड व बस स्टैंड चौराहा से बकेवर, बाबरपुर समेत हाईवे पर जाने के लिए सफर शुरू होता है। जहां डग्गामारी खुलेआम नजर आती है। बकेवर थाना समेत कई चौकियों के सामने से भी यह डग्गामार वाहन गुजरते हैं। खुद डीएम व एसएसपी के आवास हैं और सिविल लाइन समेत अन्य थाने भी रास्ते में ही पड़ते हैं लेकिन इसके बावजूद इन पर कार्यवाही अब तक नहीं हुई।

मुख्यमंत्री के बाद भी नहीं हुआ कोई असर

फरवरी में जारी हुए फरमान के बाद प्रशासन ने कई जगह अभियान चलाकर अवैध ऑटो स्टैंड के संचालन को बंद कराया, हालांकि प्रशासनिक अधिकारी तक दावा करते रहे कि शहर में कोई भी अवैध ऑटो स्टैंड संचालित नहीं है। लेकिन इसके बावजूद व्यापक पैमाने पर अभियान चलाया गया, लेकिन इस बार के फरमान के बाद किसी अधिकारी ने सड़क पर उतरकर अभियान चलाने की जहमत नहीं उठाई।

संबंधित समाचार