हल्द्वानी: गैंगेस्टर वसीम की काली कमाई पर चलेगा बुलडोजर, चिट्ठा खोलेगी एसआईटी

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Edited By Amrit Vichar
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हत्या का प्रयास जैसे 28 संगीन मामलों का आरोपी है आरोपी वसीम

वसीम ने सफोदपोश से लेकर पुलिस महकमे में भीतर तक जमा रखी थी जड़ें

हल्द्वानी, अमृत विचार। रामनगर में खुली गुंडई करने वाला गैंगेस्टर वसीम कभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा, लेकिन अब वो सलाखों के पीछे हैं। जरायम की दुनिया से कमाई दौलत के बूते वसीम फर्श से अर्श तक पहुंचा और रामनगर में अपनी धाक जमा ली। अब जब वो सलाखों के पीछे है तो पुलिस उसकी काली कमाई से जोड़ी सम्पत्ति पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर रही है। इससे पहले आईजी डॉ.निलेश आनंद भरणे के निर्देश पर एक एसआईटी भी गठित कर दी गई है। संपत्ति ढहाने के साथ पुलिस कुर्की की कार्रवाई भी करेगी।  

बता दें कि वसीम खान पर 28 केस दर्ज हैं, इसमें हत्या, हत्या का प्रयास और बलवा जैसे बड़े मामले भी शामिल हैं। उसके सट्टा और जुआ का कारोबार नैनीताल और ऊधमसिंहनगर जिले में व्यापक तौर पर फैला है। बताया तो यह भी जाता है कि वसीम नशे की तस्करी में भी लिप्त है। वसीम ने इन्हीं धंधों की बदौलत अकूट संपत्ति जोड़ी। कभी पाई-पाई को मोहताज वसीम आज पैसों के मामले में रामनगर में रसूख रखता है।

पैसों के दम पर उसने कई पुलिस वालों को बना गुर्गा बना लिया था। यही वजह है कि गैंगेस्टर लगने के बावजूद उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के अलावा कभी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी। कार्रवाई न होने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। बीती 9 मई को एसएसपी पंकज भट्ट के निर्देश पर गैंगस्टर वसीम सहित तीन आरोपियों को गैंगेस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। तीनों आरोपी लंबे समय से जुए और सट्टे का अवैध कारोबार में लिप्त थे। वसीम के साथी विष्णु अग्रवाल पर सट्टे व जुए के 10 और राहुल टम्टा के खिलाफ 7 केस पंजीकृत हैं। 

 
कार्रवाई से पहले हुए पुलिस कर्मियों के तबादले

ऐसा नहीं है कि पुलिस ने वसीम को सलाखों के पीछे डालने की कोशिश नहीं की, लेकिन उसकी कोशिश हर बार फेल हुई और इसके पीछे खुद पुलिस वाले थे। दरअसल, पुलिस ने जब भी वसीम पर कार्रवाई की मंशा बनाई तो महकमें में छिपे उसके गुर्गे उसे सूचना दे देते थे। ऐसे में गिरफ्तारी से पहले ही वसीम जमानत की तैयारी कर लेता था। हालांकि इस बार ऐसा नहीं हुआ। पुलिस ने उन सभी पुलिस वालों को चिह्नित किया, जो वसीम के खास थे और कार्रवाई से पहले सभी का तबादला कर दिया गया। 

गैंगस्टर एक्ट के बदमाशों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। गैंगस्टर वसीम के मामले में की जांच एसआईटी को सौंपी है। साथ ही अवैध तरीके से कमाई गई संपत्ति को कुर्क व गिराने की तैयारी की जा रही है। 
-डॉ. नीलेश आनंद भरणे, आईजी कुमाऊं

 

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