अयोध्या: निकायों में समाहित 66 ग्राम पंचायतों के अभिलेख तलब, सुरक्षित श्रेणी की जमीनों का किया जायेगा चिह्नांकन
संपत्ति रजिस्टर समेत अन्य दस्तावेज नगर पंचायतों को सौंपने के निर्देश
अयोध्या/अमृत विचार। नगर निगम अयोध्या और भरतकुंड भदरसा समेत नवसृजित सभी नगर पंचायतों में शामिल हुए कुल 66 ग्राम पंचायतों के 134 से अधिक राजस्व गांवों के सभी अभिलेख तलब कर लिए गए हैं। महापौर और अध्यक्षों के कुर्सी संभालते ही निकायों के प्रशासन ने इसकी कारवाई शुरू कर दी है। एडीएम वित्त एवं राजस्व महेंद्र कुमार सिंह ने इस बाबत सभी एसडीएम और खंड विकास अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए हैं।
संबधित निकायों के प्रशासन ने अपने - अपने तहसील प्रशासन से शामिल पंचायतों और उनके राजस्व गांवों के सम्पत्ति रजिस्टर उपलब्ध कराने की मांग एडीएम वित्त एवं राजस्व से की है। जिसके क्रम में एडीएम की ओर एसडीएम को निर्देश जारी कर दिया गया है। बताया जाता है कि इस कवायद के पीछे शामिल गांवों में निकायों के सुविधाओं को उपलब्ध कराने के अतिरिक्त ग्रामों में मौजूद सरकारी जमीनों को चिह्नित कर उन्हें सुरक्षित भी कराना है। तर्क है कि अतिक्रमण पाए जाने पर इन्हें अतिक्रमण मुक्त कराया भी कराया जाएगा।
बीते वर्ष शासन ने नगर निगम अयोध्या में कुल 41 गांव तो नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा में दस, कुमारगंज नगर पंचायत पांच, खिरौनी सुच्चितागंज में छह, कामाख्या धाम नगर पंचायत में चार पंचायतों को जोड़ कर नगर पंचायतों का सृजन किया था। नगर निगम और भरतकुंड भदरसा नगर पंचायत में सीमा विस्तारीकरण के तहत इन पंचायतों को जोड़ा गया है। सोहावल के एडीओ पंचायत राजीव कुमार ने बताया कि नगर पंचायत में शामिल सभी ग्राम पंचायतों का दस्तावेज तैयार है। बुधवार तक नगर पंचायत को सौंप दिया जायेगा। भरतकुंड भदरसा के ईओ इंद्र प्रताप ने बताया कि दस्तावेज मांगे गए हैं अभी मिले नहीं।
यह भी पढ़ें:-लखनऊ: उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आश्वासन पर भी नहीं भरोसा, धरने पर बैठे होम्योपैथिक फार्मासिस्ट
