पीलीभीत: जिम में गए राज्यमंत्री.. नीचे हो गई भाजपा नेता की पिटाई, वीडियो में कैद हुई वारदात
पीलीभीत, अमृत विचार। राज्य मंत्री के काफिले की गाड़ियां हटाने को लेकर हुई कहासुनी के बाद सुरक्षाकर्मियों द्वारा भाजपा नेता की पिटाई करने के मामले में तीन दिन एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में पूरी घटना कैद है। किस तरह से विवाद शुरू हुआ और पिटाई कर दी गई। इसके बाद भाजपा के नाम से ही बने एक व्हाट्सएप ग्रुप पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया तेज हो गई। जिसमें कोई भाजपा नेता को गलत ठहराता रहा तो कोई राज्य मंत्री के सुरक्षा कर्मियों और समर्थकों द्वारा की गई मारपीट पर सवाल खड़े करता रहा। फिलहाल मामला चर्चा का विषय बना रहा।
घटना कोतवाली क्षेत्र में नकटादाना चौराहा के पास एक जिम के बाहर गुरुवार रात हुई थी। राज्यमंत्री एक जिम में गए हुए थे। नीचे उनके काफिले की गाड़ियां खड़ी हुई थी। बताते हैं कि इस बीच दूसरी गाड़ी में अपने दोस्तों संग आए भाजपा नेता ने मंत्री के काफिले की गाड़ियां हटाने को कहा था।
आरोप है कि उसके बाद अपशब्द कहे तो विवाद बढ़ गया और फिर सुरक्षाकर्मियों व कुछ समर्थकों ने कार सवार भाजपा नेता की पिटाई कर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया था। तहरीर न मिलने की बात कहकर दूसरे दिन कोतवाली पुलिस ने दो लोगों का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया था। इस घटना को लेकर पूरी तरह से तस्वीर अभी तक साफ नहीं हो सकी थी। जिसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी कि तीन दिन बाद सोमवार को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
जिसमें दिख रहा है कि काले रंग की कार में सवार होकर भाजपा नेता कुछ साथियों संग पहुंचते हैं। सामने की तरफ मंत्री के काफिले के वाहन खड़े हुए थे। फिर दोनों के बीच बहस होती दिखती है और उसके बाद भाजपा नेता को उनकी ही कार के बोनट पर लिटाकर पिटाई कर दी जाती है। इसमें उनके कपड़े भी फट जाते हैं।
कुछ लोग बीच बचाव करते दिखाई दे रहे हैं। करीब छह मिनट के इस वीडियो के वायरल होने से खलबली मच गई है। संगठन से जुड़े एक नेता जोकि पूर्व में भी राज्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपने पिता के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी उतारने पर तमाम शब्द लिख चुके थे।
उन्होने भी वीडियो को अपलोड कर दिया। उसके बाद राज्यमंत्री गुट के सदस्यों से काफी बहस भी व्हाट्सएप ग्रुप पर छिड़ी रही। जिसमें चमचागिरी शब्द तक एक पदाधिकारी की ओर इशारा करते हुए कह दिया गया। वहीं, दूसरे खेमे के समर्थक भाजपा नेता की गलती की ओर इशारा करते रहे। फिलहाल वीडियो सामने आने के बाद मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं। उधर, पुलिस पूरे मामले में कुछ भी बोलने से बचती दिखाई दे रही है।
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