Atala Violence: अटाला हिंसा के मुख्य आरोपी जावेद पंप की जमानत अर्जी खारिज
प्रयागराज। जिला अदालत ने पिछले वर्ष जुमे की नमाज के बाद अटाला प्रयागराज में हुए बवाल में सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के पूर्व नेता जावेद मोहम्मद उर्फ पंप की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अपर सत्र न्यायाधीश/ फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) बीरेंद्र सिंह ने कहा कि अभियुक्त के कथित कृत्य असामाजिक और गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए वह जमानत पर रिहा होने योग्य नहीं हैं और साथ ही इस बात की भी प्रबल संभावना है कि वह रिहा होने पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है।
मौजूदा मामला पंप के खिलाफ प्रयागराज हिंसा की घटना से संबंधित दर्ज 5 मामलों में से एक है। मालूम हो कि याची पर थाना खुल्दाबाद में दर्ज आईपीसी की धारा 147/427 और सार्वजनिक संपत्ति निवारण अधिनियम की धारा 3/5 के तहत प्रयागराज हिंसा के दौरान पथराव करने तथा मेसर्स प्रयागराज स्मार्ट सिटी लिमिटेड की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि प्राथमिकी में उनका नाम नहीं था और उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध के कारण मामले में झूठा फंसाया गया है। इसके अलावा अभियुक्त उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित है। वह नियमित रूप से इन्सुलिन का उपयोग करता है, इसलिए उसे जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी एक शातिर अपराधी है, जिसका कई 14 मामलों में आपराधिक इतिहास रहा है, इसलिए वह जमानत पर रिहा होने का हकदार नहीं है।
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