बरेली: डलावघरों से दिन में दो बार उठाया जाएगा कूड़ा
बरेली, अमृत विचार। शहर की स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 की परीक्षा में फेल होने के बाद नगर निगम के अफसर अब अच्छे अंकों से पास होने का खाका तैयार कर रहे हैं, क्योंकि 2021 के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण की शुरुआत हो गई है। अगला स्वच्छता सर्वेक्षण तीन-तीन माह के अंतर में रखा गया है। इस सर्वेक्षण …
बरेली, अमृत विचार। शहर की स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 की परीक्षा में फेल होने के बाद नगर निगम के अफसर अब अच्छे अंकों से पास होने का खाका तैयार कर रहे हैं, क्योंकि 2021 के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण की शुरुआत हो गई है। अगला स्वच्छता सर्वेक्षण तीन-तीन माह के अंतर में रखा गया है।
इस सर्वेक्षण में कई चरणों में अलग-अलग अंक दिए जाएंगे। आधी-अधूरी तैयारियों और संसाधनों का सही प्रबंधन न होने के कारण शहर 32 पायेदान नीचे आकर देश में 149 पर पहुंच गया है। इसको लेकर जिम्मेदार अफसरों के होश उड़ गए हैं और सुधार कर रहे हैं।
शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छे अंक दिलाने के लिए इस बार सजगता से कार्य करने होंगे। इसके बाद ही स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में बेहतर प्रदर्शन कर पाना संभव होगा। इस बार सबसे खास बात यह है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में गलत जानकारी देने पर ऋणात्मक अंक होंगे, इससे सर्वेक्षण में मिलने वाले अंक भी कट जाएंगे। पिछली बार स्वच्छता सर्वेक्षण में जिम्मेदार अफसर कुछ नया नहीं कर पाए थे।
स्वच्छता जागरूकता से लेकर कचरा प्रबंधन में कोई विशेष कार्य नहीं होने से कम अंक मिले थे। ट्रचिंग ग्राउंड में कूड़े के ढेर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चालू न होना और पूरे वार्ड में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन न करने में भी निगम पिछड़ा था। इसके कारण 2019 में देश में 117 वें स्थान पर आने वाला नगर निगम 2020 में 149 नंबर पर पहुंच गया। इस बार जिम्मेदार अफसरों ने आवारा पशुओं के लिए कान्हा में अलग से शेल्टर होम बना कर रखने की योजना बनाई है। डलावघरों से दिन में दो बार कूड़ा उठाया जाएगा। लोगों को जागरूक करने के लिए बाउंड्री वाल पेंटिंग की जाएगी।
स्वच्छता सर्वेक्षण- 2021 का चरण शुरू
स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 का शासन ने गाइडलाइन जारी कर दी है। शहर में किस तरह की सर्विस दी जा रही और उसकी प्रक्रिया क्या है, इसको तीन-तीन माह के हिसाब से प्रगति देखते हुए आंकलन किया जाएगा। नई गाइडलाइन के अनुसार अप्रैल से जून, जुलाई से सितंबर और अक्टूबर से दिसंबर महीनों में सेवा स्तर की प्रगति का त्रैमासिक आंकलन किया जाएगा। हर तीन माह के लिए दो-दो हजार नंबर दिए गए हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण तीन राउंड में होगा। सबसे खास बात यह है कि एक राउंड भी फेल होने पर सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगी।
कूड़ा निस्तारण, सीवरेज प्लांट
स्वच्छता सर्वेक्षण में कूड़े के निस्तारण के बारे में गहनता से पड़ताल की जाएगी। घरों से उठने के बाद कूड़ा ट्रचिंग ग्राउंड तक किस तरह जा रहा। सभी वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठ रहा है कि नहीं, इस पर अंक मिलेंगे। इसके साथ ही सीवरेज को लेकर निगम के पास क्या कार्ययोजना है और शहरवासियों को शुद्ध पानी मिल रहा है कि नहीं? इन पहलुओं पर टीम का विशेष ध्यान होगा।
स्वच्छता सर्वेक्षण में खराब प्रदर्शन को लेकर अफसरों के साथ बैठक भी की गई है, जो कमियां हैं, उनको दूर किया जाएगा। इसके लिए पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। हम खुद शहर की स्वच्छता पर विशेष नजर रखेंगे और औचक निरीक्षण भी करेंगे। इसमें सबसे अधिक जोर शहरवासियों को भी देना होगा। अपने शहर को देश में बेहतर स्थान दिलाने की कोशिश करनी होगी। – डॉ. उमेश गौतम, मेयर
स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 का चरण शुरू हो गया है। पिछली बार हम जहां कमजोर थे, उसको बेहतर करने पर काम हो रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भी जल्द शुरू होगा। एसटीपी भी लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही जो कमियां है, उनको दूर किया जाएगा।
– अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त
