बरेली: हजारों बीघा फसल बर्बाद करके घटने लगा रामगंगा का जलस्तर
बरेली, अमृत विचार। करीब पांच दिनों से रामगंगा का जलस्तर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा था, लेकिन शनिवार को जब जलस्तर कम होना शुरू हुआ तो अधिकारियों ने राहत की सांस ली। पांच दिनों से कई गांव की हजारों बीघा फसल बर्बाद हो चुकी है। शनिवार सुबह रामगंगा का जलस्तर 159.950 क्यूसेक और शाम 4 बजे …
बरेली, अमृत विचार। करीब पांच दिनों से रामगंगा का जलस्तर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा था, लेकिन शनिवार को जब जलस्तर कम होना शुरू हुआ तो अधिकारियों ने राहत की सांस ली। पांच दिनों से कई गांव की हजारों बीघा फसल बर्बाद हो चुकी है। शनिवार सुबह रामगंगा का जलस्तर 159.950 क्यूसेक और शाम 4 बजे की रिपोर्ट में थोड़ा घटकर 159.920 क्यूसेक हो गया।
शुक्रवार को इस साल का सबसे ज्यादा जलस्तर 159.970 क्यूसेक दर्ज किया गया था। बीते दिनों रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के साथ धीरे-धीरे जमीन का कटान भी शुरू हो गया। इसमें किसानों को फसल के साथ ही खेत की चिंता सताने लगी थी। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बताया जा रहा है कि अब रामगंगा का जलस्तर कम हो रहा है। इसका प्रमुख कारण यह है कि कालागढ़ डैम से छोड़ा 94 हजार क्यूसेक पानी अब फर्रुखाबाद गंगा के लिए पास हो चुका है।
अभी तक बढ़ते जलस्तर के लिए कालागढ़ डैम का फुल हो जाना बताया जा रहा था। वहीं, बारिश न होने की वजह से भी जलस्तर कम हुआ है। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि बारिश हुई तो जलस्तर बढ़ सकता है। वहीं, नदी के किनारे निचले हिस्सों में बढ़ते जलस्तर से हाजीपुर, मदनापुर, तातारपुर, कपूरपुर समेत करीब 30 गांवों के किसानों की उर्द, मिर्च, धान, गन्ना, तिल आदि की सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसलें पानी में समा गईं।
वहीं, गहवरा, गोरा लोकनाथपुर अम्बरपुर, तीर्थनगर, मदनापुर आदि कई जगहों पर बाढ़ की स्थिति आ गई। बता दें कि बाढ़ की संभावना को देखते हुए सिंचाई विभाग बाढ़ खंड में 24 घंटे के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसका नंबर 0581- 2511664 है। इस नंबर पर फोन कर बाढ़ के संबंध में सूचना दी जा सकेगी।
