नानकमत्ताः बांध को टूटने से बचाने के लिए नदी का रुख मोड़ने में जुटा सिंचाई विभाग

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Edited By Amrit Vichar
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नानकमत्ता, अमृत विचार। नानकसागर बांध को काट रही नदी से निकल रहे रिसाव से बांध टूटने के खतरे को रोकने के लिये सिंचाई विभाग नदी का रुख मोड़ने में जुटा है। जानकारी के अनुसार, 1966 में 19 किमी लम्बा बना नानकसागर बांध में देवहा और कामन नदी का पानी आता है। इस बार नदी का रुख ने बांध की तलहटी को काटना शुरू कर दिया था जिससे पानी का रिसाव बाहर की ओर होना शुरू हो गया था। 

उत्तर प्रदेश कैनाल विभाग के अवर अभियंता महेंद्र कुमार ने बताया नानकसागर बांध का पानी कम होते ही बांध की तलहटी में बने कुंड में मिट्टी भरान कर नदी के रूख मोड़ने का काम किया जा रहा है जो समय से पुर्व कर लिया जायेगा। बताया जाता है इसी जगह से 1967 में भी बांध टूटा था और बड़े स्तर पर पीलीभीत तक नुकसान हुआ था। लेकिन इस बार एक बड़ी अनहोनी बच गयी।  

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