रखाइन में उथल-पुथल का कलादान परियोजना पर असर नहीं पड़ेगा: म्यांमा के मंत्री 

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Edited By Amrit Vichar
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कोलकाता। म्यांमा के वाणिज्य मंत्री यू आंग नाइंग ऊ ने कहा कि देश के रखाइन प्रांत में अशांत स्थिति का भारत के साथ कलादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट परियोजना (केएमटीटीपी) पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने सोमवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि इस परियोजना के तहत म्यांमा के पलेटवा को मिजोरम के जोरिनपुई से जोड़ने वाली सड़क का निर्माण पुरजोर तरीके से जारी है।

मंत्री ने बताया कि इस सड़क का निर्माण म्यांमा के रखाइन राज्य के पश्चिमी हिस्सों में किया जा रहा है, जबकि अशांति राज्य के दूसरे हिस्से में है। ईईपीसी (इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद) भारत द्वारा आयोजित एक समारोह के इतर उन्होंने कहा, हमें इसके जल्द पूरा हो जाने की उम्मीद है।

हालांकि, उन्होंने इसके पूरा होने को लेकर कोई निश्चिम समय सीमा नहीं बताई। मंत्री ने कहा कि रखाइन के सितवे बंदरगाह पर पूर्ण संचालन जल्द ही शुरू होगा और यह दोनों देशों के बीच संपर्क सुविधा में सुधार करने के अलावा भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार के लिए परिवर्तनकारी साबित होगा।

सितवे बंदरगाह 3,200 करोड़ रुपए के केएमटीटीपी का हिस्सा है, जो भारत सरकार से अनुदान सहायता के तहत वित्त पोषित है। केएमटीटीपी के जलमार्ग और सड़क घटकों के पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद भारत के पूर्वी तट को सितवे बंदरगाह के माध्यम से उत्तर-पूर्वी राज्यों से जोड़ा जाएगा।

इससे क्षेत्रीय एवं द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इससे पहले मार्च में विदेश राज्य मंत्री आर के रंजन सिंह ने कहा था कि केएमटीटीपी में म्यांमा में राजनीतिक हालात के कारण देरी हो रही है। सिंह ने आइजोल में संवाददाताओं से कहा था, म्यांमा में उत्पन्न अप्रत्याशित हालात के कारण कलादान परियोजना को लेकर हमारी प्रगति कुछ हद तक प्रभावित हुई है।

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