बरेली: स्लिट लैंप तकनीक आंख की बीमारियों के लिए वरदान

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ ऑप्टोमेट्री फैकल्टी ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज में बुधवार को ''क्लिनिकल ऑप्टोमेट्रिस्ट में भविष्य'' पर एक दिवसीय ऑप्टोमेट्री कांफ्रेंस में स्लिट लैंप तकनीक पर चर्चा की गई।

कांफ्रेंस की शुरुआत डॉ. आफताब आलम डॉ. आफताब आलम केयर बरेली, डॉ. सुबोध दीक्षित प्रेसिडेंट इंडियन ऑप्टोमेट्रिक एसोसिएशन ने की। असिस्टेंट प्रो गुलफ्शा सैफी को प्रवक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया, जिसमें उन्होंने बताया स्लिट लैंप जांच की एक ऐसी तकनीक है, जिसका उपयोग आंख की बीमारी के निदान के लिए किया जाता है। इस तकनीक का उपयोग आंख के उन हिस्सों के फंक्शन की जांच करने के लिए किया जाता है, जिन्हें सामान्य तकनीक से नहीं देखा जा सकता है। छात्रा समरीन मंसूरी ने बताया कि आंख शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। 

कांफ्रेंस में इमरान अहमद अंसारी प्रिंसिपल सूरजमल अग्रवाल कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल, हेल्थ साइंसेज किच्छा, आयुष झा ऑप्टोमेट्री इंटर्न डॉ. सुशीला तिवारी गवर्नमेंट हॉस्पिटल के अलावा 10 छात्र शामिल हुए। प्रिंसिपल डॉ. पुष्पेंद्र कनौजिया ने गुलफ्शा सैफी को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। कुलपति डॉ. लता अग्रवाल ने शिक्षकों और छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते रहें। आधुनिक तकनीकों को आत्मसात करें।

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