साजिश नाकाम

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Edited By Amrit Vichar
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जम्मू-कश्मीर में सीमा सुरक्षा बल ने भारत-पाक सीमा पर करीब 137 मीटर लंबी सुरंग का पता लगाकर पाकिस्तान की बड़ी साजिश का खुलासा किया तो दुश्मन के खतरनाक इरादों का पता चला है। पाकिस्तान की मदद से ही यह सुरंग बनाई गई थी क्योंकि सुरंग का मुंह ढकने के लिए जिन सीमेंट की बोरियों का …

जम्मू-कश्मीर में सीमा सुरक्षा बल ने भारत-पाक सीमा पर करीब 137 मीटर लंबी सुरंग का पता लगाकर पाकिस्तान की बड़ी साजिश का खुलासा किया तो दुश्मन के खतरनाक इरादों का पता चला है। पाकिस्तान की मदद से ही यह सुरंग बनाई गई थी क्योंकि सुरंग का मुंह ढकने के लिए जिन सीमेंट की बोरियों का इस्तेमाल किया गया है, वह पाकिस्तान में ही बनी थीं।

इस खुलासे के बाद देश के सुरक्षा तंत्र को पाकिस्तान की नापाक हरकतों का पता लगाने के लिए अब नए सिरे से कार्ययोजना की बनाने की जरूरत है। यह सुरंग एक तरफ भारत तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के भीतर खुलनी थी। इससे साफ है कि सीमा पर पाकिस्तान किसी बड़ी साजिश के पीछे लगा हुआ है। इस खुलासे के बाद इस बात की भी आशंका बढ़ जाती है कि भारत विरोधी इस साजिश का हमारी तरफ से कुछ न कुछ संबंध जरूर है, अन्यथा इतनी बड़ी साजिश का होना संभव नहीं है।

पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान की कोशिश देश के भीतर से ही यहां के युवाओं को गुमराह कर आतंकी बनाने की रही है। अभी दिल्ली से पकड़े गए और उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के मूल निवासी आतंकी युसूफ का ताजा मामला सामने आया है जिसने देश में आत्मघाती हमलों की तैयारी कर ली थी। पाकिस्तान इस हद तक युवाओं को भटका रहा है कि वह फिदाइन हमलों तक की तैयारी करने में जुटे हैं, जैसा कि युसूफ की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ है।

पाकिस्तान को इतना पता है कि भारत के साथ वह परंपरागत युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं है। कश्मीर मामले को अंतर्राष्ट्रीय चर्चा में बनाए रखने के लिए वह ऐसी हरकतें करता है। मगर सीमा पर 137 मीटर लंबी सुरंग खोदे जाने का ताजा मामला कहीं ज्यादा गंभीर है। यह पता लगाया जाना जरूरी है कि आतंक की इस सुरंग के तार कहां-कहां जुड़े थे। इस विषय पर सुरक्षा बलों और जांच एजेंसियों को मामले की तह तक जाकर पता करना होगा कि भारत विरोधी साजिश में पाकिस्तान और किस तरह की कोशिशें करने में लगा है।

सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ के ज्यादातर मामलों में नाकाम रहने के बाद सुरंग खोदे जाने जैसी स्थिति किसी दीर्घकालिक साजिश की तरफ इशारा जरूर करती है। इस सुरंग को बनाने में बाकायदा पूरी इंजीनियरिंग का इस्तेमाल हुआ है और अगर ऐसा है तो बिना भारत की सीमा की तरफ किसी मदद के यह संभव नहीं है। भारत के भीतर बैठे देशद्रोहियों को भी जांच एजेिसयों को सामने लाना होगा क्योंकि यहां मामला केवल सुरंग खोदे जाने का नहीं बल्कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान की गहरी साजिश का है जिसका पता लगाना ही होगा।