काशीपुर: तीन साल में एससी-एसटी उत्पीड़न के 360 केस दर्ज
कुमाऊं की अपेक्षा गढ़वाल में 33 प्रतिशत अधिक मामले दर्ज
काशीपुर, अमृत विचार। उत्तराखंड जैसे शांत प्रदेश में धर्म व जाति के आधार पर विभिन्न अपराधों का बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है। पिछले 3 वर्षों में अनुसूचित जाति व जनजातियों के विरुद्ध किए गए अपराधों के 360 अपराधिक केस दर्ज हुए हैं। कुमाऊं में दर्ज 154 मामलों की अपेक्षा 33 प्रतिशत से अधिक 206 मामले गढ़वाल के जिलों में दर्ज हुए हैं। यह खुलासा सूचना अधिकार में हुआ।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय से पिछले वर्षों में अनुसूचित जाति तथा जनजाति के विरूद्ध किए गए अपराधों के की सूचना मांगी थी। पुलिस मुख्यालय की लोक सूचना अधिकारी की ओर उसे उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार अनुसूचित जाति/जनजाति उत्पीड़न के कुल 360 अभियोग पिछले 3 वर्षों में दर्ज कराए गए हैं।
2020 में 111, 2021 में 130 तथा 2022 में 119 मुकदमे दर्ज हुए हैं। कुमाऊं में 154 तथा गढ़वाल में 206 मामले दर्ज हुए हैं। उत्तराखंड के सभी जिलों में ऐसे मुकदमे दर्ज हुए हैं। अपराध वार दर्ज हुए मामलों में हत्या के 10, डकैती व लूट का 1-1, अपहरण के 2, दुष्कर्म के 72, गंभीर चोट के 6, धारा 506 आईपीसी (धमकी) के 21, अन्य अपराधों के 176, एससी एसटी एक्ट के 71 मामले शामिल हैं।
