साइबर सुरक्षा के लिए
साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा से निकटता से जुड़ा मुद्दा है। ऑनलाइन सिस्टम से जितनी सुविधा हुई व समय की बचत हुई, उसकी सुरक्षा के लिए खतरा उतना ही ज्यादा बड़ा हो गया। अक्सर खबरें आती रहती हैं कि साइबर अपराधियों ने लोगों का निजी डाटा चुरा लिया है।
गौरतलब है कि दुनिया में कई सरकारों के संरक्षण में हैकिंग का काम किया जा रहा है। जिस तेजी से टेक्नालाजी बदल रही है सुरक्षा उपायों में उसी तेजी से बदलाव करके चौकस व्यवस्था को अपनाया जाना चाहिए। पिछले दिनों कोविड टीकाकरण के लिए बनाए गए सिस्टम कोविन के डाटा में सेंधमारी की चर्चा ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी। क्योंकि आए दिन लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले प्रकाश में आते रहते हैं।
हालांकि सरकार ने साफ किया कि कोविन का कोई डाटा चोरी नहीं हुआ। सरकार के दावे को सही मान भी लिया जाए कि डाटा चोरी नहीं हुआ है तब भी जरूरी है कि सारे मामले की गंभीरता से जांच की जाए। दुनिया जानती है कि भारत एक बड़ा उभरता उपभोक्ता बाजार है और विश्व की तमाम कंपनियां अपने कारोबार को भारत में फैलाना चाहती हैं। यदि कोई डाटा चोरी होता है तो ये कंपनियां अपना कारोबार बढ़ाने के लिए चोरी का डाटा खरीद सकती हैं। याद रहे भारत डिजिटल प्रौद्योगिकियों के लिए भी दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में से एक है।
सरकार डिजिटल इंडिया मिशन को साकार करने के प्रयासों को बढ़ावा दे रही है। इसलिए देश में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए व्यापक जागरुकता पैदा करने की आवश्यकता है। डाटा चोरी के नियमन के लिए देश में पर्याप्त कानून की जरूरत महसूस की जा रही है। सरकार इस दिशा में आगे भी बढ़ रही है।
कोशिश हो कि हैकरों पर नकेल कसने के लिए कड़े कानून बनाए जाएं। साइबर सुरक्षा के लिए भारत की राष्ट्रीय एजेंसी, द इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने देश की साइबर सुरक्षा से निपटने में प्रगति के साथ सरकारी नेटवर्क पर साइबर हमलों में कमी की है।
साइबर-सुरक्षित राष्ट्र के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, भारत को एक मजबूत साइबर सुरक्षा रणनीति की आवश्यकता होगी जो सरकारी प्रणालियों, नागरिकों और व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा करे। यह न केवल नागरिकों को साइबर खतरों से बचाने में मदद करेगा, बल्कि अर्थव्यवस्था में निवेशकों का विश्वास भी बढ़ाएगा। साइबर हमलों की जांच के लिए विश्वसनीय स्वदेशी समाधान विकसित करने के लिए साइबर सुरक्षा को एक समर्पित मंच स्थापित किया जाना चाहिए।
