नैनीतालः हाईकोर्ट ने बेलड़ा के ग्रामीणों की मेडिकल जांच व सुरक्षा मुहैया कराने के दिये आदेश

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Edited By Amrit Vichar
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नैनीताल, अमृत विचार। हाईकोर्ट ने रुड़की के बेलडा के ग्रामीणों को पुलिस सुरक्षा के साथ ही उनकी मेडिकल जांच कराने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में नगमा कुरैशी और सात अन्य लोगों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई हुई। 

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने राजनीतिक दबाव के चलते उन पर अत्याचार किया है। उन्होंने 24 मई को प्रधान और सपना चौधरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद 10 जून को गांव के युवक पंकज की सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी थी। पकंज भी प्रदर्शनकारियों में से एक था। 

आरोप है कि 11 और 12 जून की रात को पुलिस बेलड़ा गांव में आयी और महिलाओं और बच्चों को बुरी तरह से पीटा। कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस अत्याचार के चलते याचिकाकर्ताओं में से एक सीमा नामक महिला का दो माह का गर्भ गिर गया। उन्हें जान का खतरा है। 

घटना के बाद उनका मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया जा रहा है। याचिकर्ताओं की ओर से दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने के साथ ही घटना की न्यायिक जांच की मांग की गयी है। 

याचिकाकर्ताओं की ओर से नैनीताल जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने की भी मांग की गयी। अधिवक्ता सनप्रीत सिंह अजमानी और आलोक कुमार ने बताया कि अदालत ने याचिकाकर्ताओं का रुड़की में मेडिकल परीक्षण के साथ ही उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिये हैं।

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